चंडीगढ़, 20 अगस्त (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच सामग्री पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव को भेजी है। ईडी ने कहा है कि सामग्री संज्ञेय अपराधों के होने का संकेत देती है।
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चंडीगढ़, 20 अगस्त (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच सामग्री पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव को भेजी है। ईडी ने कहा है कि सामग्री संज्ञेय अपराधों के होने का संकेत देती है।
पुलिस ने पिछले 13 दिनों से ईडी के मामले को लंबित रखा है, जिससे उसकी कार्रवाई करने की तत्परता पर गंभीर सवाल उठते हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने यहां मीडिया से कहा कि इसलिए हम पूरे मामले की स्वतंत्र केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग करते हैं।
सांपला ने कहा कि ईडी द्वारा एक मामले की जांच के दौरान जुटाई गई सामग्री के आधार पर भेजे गए मामले में आपराधिक साजिश, भ्रष्टाचार, गोपनीय सरकारी सूचनाओं का लीकेज, तबादलों और नियुक्तियों में हस्तक्षेप, सरकारी नीतियों और निविदाओं में हेरफेर, अवैध रिश्वतखोरी और अन्य संज्ञेय अपराधों से संबंधित गंभीर आरोप हैं।
यह मामला और भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि ईडी की जांच सामग्री में राजबीर घुमन का जिक्र है। घुमन पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष ड्यूटी अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं और सरकारी कामकाज से संबंधित मामलों में निजी व्यक्ति नितिन गोहल के साथ उनके कथित समन्वय का भी जिक्र है।
इस सामग्री में तबादलों और नियुक्तियों से लेकर सरकारी नीतियों, निविदाओं, गोपनीय सूचनाओं, भूमि मामलों, लाइसेंसों और कथित वित्तीय लाभों तक कई मुद्दे शामिल हैं।
पूर्व राज्य भाजपा अध्यक्ष सांपला ने कहा कि इससे एक बुनियादी सवाल उठता है कि मुख्यमंत्री (भगवंत मान) की जानकारी के बिना मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द इतना व्यापक नेटवर्क कथित तौर पर कैसे काम कर रहा था?
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री को अब इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
यदि मुख्यमंत्री भगवंत मान को वास्तव में इन कथित गतिविधियों की जानकारी नहीं थी और उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है, तो उन्हें स्वयं सीबीआई जांच की मांग करनी चाहिए। वे राज्य के गृह मंत्री भी हैं, जबकि पंजाब पुलिस राज्य सरकार के अधीन कार्य करती है। इन परिस्थितियों में, जनता का विश्वास सुनिश्चित करने और सच्चाई स्थापित करने के लिए एक स्वतंत्र केंद्रीय जांच आवश्यक है।
सांपला ने ईडी द्वारा मांगी गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) के पंजीकरण, सभी डिजिटल, दस्तावेजी और वित्तीय साक्ष्यों के संरक्षण और गोहल, घुमन और ईडी सामग्री में नामित अन्य सभी व्यक्तियों की भूमिकाओं सहित पूरे मामले की समयबद्ध सीबीआई जांच की मांग की।
भाजपा नेता ने आगे कहा कि भगवंत मान ने बार-बार दावा किया है कि उनकी सरकार ईमानदारी और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्ध है। अब इसे साबित करने का समय है। पंजाब को निष्पक्ष जांच की जरूरत है, स्पष्टीकरण की नहीं, एफआईआर की जरूरत है, राजनीतिक बहाने की नहीं और सच्चाई की, चाहे वह सच्चाई कुछ भी हो।
--आईएएनएस
एमएस/
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