बीजिंग, 18 जून (आईएएनएस)। चीनी विदेश मंत्री वांग यी दो दिवसीय दौरे पर 22 जून को भारत आएंगे। वे ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उच्च प्रतिनिधियों की 16वीं बैठक में हिस्सा लेंगे। यह बैठक 22–23 जून को आयोजित की जाएगी।
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बीजिंग, 18 जून (आईएएनएस)। चीनी विदेश मंत्री वांग यी दो दिवसीय दौरे पर 22 जून को भारत आएंगे। वे ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उच्च प्रतिनिधियों की 16वीं बैठक में हिस्सा लेंगे। यह बैठक 22–23 जून को आयोजित की जाएगी।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को पुष्टि की कि यह यात्रा भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के निमंत्रण पर हो रही है।
प्रवक्ता के अनुसार, “चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और केंद्रीय विदेशी मामलों के आयोग के कार्यालय के निदेशक वांग यी भारत में आयोजित 16वें ब्रिक्स एनएसए एनएसए बैठक में भाग लेंगे। 22-23 जून को इसका आयोजन भारत में हो रहा है।”
भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता करेगा, जिसका विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” रखा गया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2025 में रियो डी जेनेरियो में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दिए गए “मानव-केंद्रित और मानवता-प्रथम” दृष्टिकोण को दर्शाता है।
इससे पहले 15 मई को भारत में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक सफलतापूर्वक आयोजित करने पर चीन के राजदूत जू फेइहोंग ने भारत को बधाई दी थी। उनका कहना था कि बैठक की उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों को बखूबी बयान किया गया। इससे भविष्य में ग्लोबल गवर्नेंस में सुधार की राह आसान हुई।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ब्रिक्स देशों ने वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक सहमति बनाई है और बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार पर भी चर्चा की है।
हालांकि, भारत ने इस बैठक के अंत में संयुक्त बयान के बजाय अध्यक्षीय बयान जारी किया था, क्योंकि पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व की स्थिति पर सदस्य देशों के बीच मतभेद सामने आए थे।
इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की थी।
फरवरी में चीन के वरिष्ठ अधिकारी मा झाओशू ने भारत का दौरा किया था, जहां दोनों देशों के बीच ब्रिक्स शेरपा बैठक और रणनीतिक वार्ता भी हुई थी। इस दौरान भारत-चीन रणनीतिक वार्ता का आयोजन किया गया था। जिसमें विदेश सचिव विक्रम मिस्री और झाओशू के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर गंभीर मंत्रणा हुई थी।
--आईएएनएस
केआर/
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