नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और कनाडा के बीच ट्रेड समझौते को लेकर अगले दौर की बातचीत पांच अक्टूबर से शुरू होगी। दोनों देश इस साल के आखिर तक किसी समझौते पर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने यह जानकारी दी।
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नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और कनाडा के बीच ट्रेड समझौते को लेकर अगले दौर की बातचीत पांच अक्टूबर से शुरू होगी। दोनों देश इस साल के आखिर तक किसी समझौते पर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने यह जानकारी दी।
इससे एक दिन पहले उन्होंने जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक से अलग भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की थी। यह मुलाकात मुंबई में हुई चौथे दौर की व्यापार वार्ता के बाद हुई है। इसी बीच कनाडा इस महीने एक बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी भारत भेजने की तैयारी कर रहा है।
सिद्धू ने सोशल मीडिया पर लिखा, "मुंबई में चौथे दौर की बातचीत पूरी करने के बाद मैंने जी20 में मंत्री पीयूष गोयल से फिर मुलाकात की। अगला दौर पांच अक्टूबर से शुरू हो रहा है और हमारा मकसद बातचीत को आगे बढ़ाकर इस साल के आखिर तक समझौते की दिशा में पहुंचना है।"
अगले दौर की तारीख सामने आने से यह साफ होता है कि दोनों सरकारें अब आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। भारत और कनाडा आपसी व्यापार में बड़ी बढ़ोतरी करना चाहते हैं। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब डॉलर तक पहुंचाने का साझा लक्ष्य रखा है।
सिद्धू ने कहा, "आज दोनों देशों के बीच 30 अरब डॉलर से ज्यादा का दोतरफा व्यापार है और 2030 तक इसे 70 अरब डॉलर तक पहुंचाने का हमारा साझा लक्ष्य है। ऐसे में भारत और कनाडा के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने की काफी गुंजाइश है।"
कनाडा के मंत्री ने इससे पहले मिल्वौकी में पत्रकारों से कहा था कि बातचीत आगे बढ़ रही है और दोनों पक्षों का ध्यान समझौते तक पहुंचने पर है। सिद्धू ने कहा कि मकसद सिर्फ कोई समझौता कर लेना नहीं है, बल्कि ऐसी डील करना है जिससे दोनों देशों के कारोबार और कर्मचारियों को फायदा मिले।
पीयूष गोयल और सिद्धू की यह नई मुलाकात अमेरिका की मेजबानी में हुई जी20 मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान हुई। इस बैठक से अलग गोयल ने कई देशों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। भारत की कोशिश अपने प्रमुख साझेदारों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक व्यापार व्यवस्था के सामने मौजूद बड़े मुद्दों पर भी बातचीत करने की रही। कनाडा भारत में अपने कारोबारी रिश्तों को बढ़ाने के लिए भी एक बड़ा कदम उठा रहा है।
सिद्धू ने कहा कि वह इसी महीने 'टीम कनाडा ट्रेड मिशन' का नेतृत्व करते हुए भारत आएंगे। उनके साथ अलग-अलग प्रमुख सेक्टरों से जुड़े करीब 300 कनाडाई प्रतिनिधि होंगे।
सिद्धू ने कहा, "इसी वजह से मैं इस महीने टीम कनाडा ट्रेड मिशन का नेतृत्व करते हुए भारत आ रहा हूं। हमारे साथ प्रमुख क्षेत्रों की कंपनियों से करीब 300 कनाडाई प्रतिनिधि होंगे। वे नए संपर्क बनाएंगे, नए ग्राहक तलाशेंगे और दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक भारत में नए कारोबारी मौके खोजेंगे।"
इतना बड़ा प्रतिनिधिमंडल यह भी दिखाता है कि दोनों सरकारों के बीच चल रही ट्रेड वार्ता के साथ-साथ कनाडाई कंपनियों की भारत में कारोबारी दिलचस्पी भी बढ़ रही है।
सिद्धू ने महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा, कृषि और प्रौद्योगिकी को उन क्षेत्रों में गिनाया जिनमें कनाडाई कंपनियां अवसर तलाश रही हैं।
सिद्धू ने कहा, "क्रिटिकल मिनरल्स और ऊर्जा से लेकर कृषि, टेक्नोलॉजी और उन दूसरे क्षेत्रों तक जहां कनाडा दुनिया में आगे है, हम कनाडाई कंपनियों को भारत में साझेदारी बनाने और अपना कारोबार बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।"
इस तरह कनाडा का कारोबारी मिशन ऐसे समय भारत आएगा, जब दोनों देशों के बीच ट्रेड समझौते को लेकर भी नए सिरे से बातचीत आगे बढ़ रही होगी। कनाडा भारतीय बाजार तक अपनी पहुंच बढ़ाना चाहता है, जबकि दोनों देश आपसी निवेश बढ़ाने पर भी ध्यान दे रहे हैं।
भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक रिश्तों में तनाव के एक दौर के बाद अब दोनों देश आर्थिक संबंधों को दोबारा मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। उस तनाव की वजह से उच्च स्तरीय संपर्क और व्यापार वार्ता भी प्रभावित हुई थी।
दोबारा शुरू हुई बातचीत के साथ अब व्यापार एक बार फिर दोनों देशों के रिश्तों के अहम मुद्दों में शामिल हो गया है। दोनों सरकारों ने 2030 तक आपसी व्यापार 70 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। साथ ही ऐसा व्यापार समझौता करने की कोशिश हो रही है, जिससे दोनों देशों की कंपनियों को एक-दूसरे के बाजार में ज्यादा कारोबारी मौके मिल सकें।
--आईएएनएस
एवाई/एएस
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