
भोपाल: मध्य प्रदेश शासन के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि देश और प्रदेश के किसानों की वास्तविक समृद्धि तथा कृषि के सतत विकास के लिए गौपालन एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने रेखांकित किया कि गौमाता का गोबर और गोमूत्र खेती के लिए प्रकृति का सबसे अनमोल उपहार हैं। रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर प्राकृतिक खाद के उपयोग से न केवल मिट्टी की उर्वरा शक्ति और सूक्ष्म पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं, बल्कि खेती भी दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ और लाभकारी बनती है।
मंत्री कुशवाह बुधवार को भोपाल के बैरसिया रोड स्थित आईसीएआर (ICAR), नवीबाग परिसर में दिल्ली प्रेस द्वारा आयोजित ‘फार्म फूड कृषि सम्मान अवार्ड 2026 – मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़’ समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री कुशवाह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू किए गए दूरदर्शी 'नदी जोड़ो अभियान' को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी गति से आगे बढ़ा रहे हैं, जिससे देश के असिंचित क्षेत्रों तक पानी पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है:
प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ घोषित किया गया है, जो कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण और किसानों की आर्थिक उन्नति के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसानों की लागत को कम करना, आय में वृद्धि करना और उन्हें आधुनिक जैविक पद्धतियों से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों का सम्मान करना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके अथक परिश्रम, त्याग और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान के प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है।
इस राज्य स्तरीय समारोह में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न अंचलों से आए उन प्रगतिशील किसानों को मंच पर सम्मानित किया गया, जिन्होंने जैविक खेती, प्राकृतिक खाद निर्माण, जल संरक्षण और फसल विविधीकरण के क्षेत्र में नवाचार कर मिसाल पेश की है। अतिथियों ने किसानों को प्रशस्ति पत्र और 'फार्म फूड कृषि सम्मान' से नवाजा।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल उपस्थित रहे। इसके अलावा:
दिल्ली प्रेस के संपादक: पारेशनाथ
संयुक्त संचालक: सुमन प्रसाद
कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) भोपाल के प्रभारी: मेदिनी प्रसाद
श्रुति जोशी
सहित कृषि वैज्ञानिक, दोनों राज्यों के प्रगतिशील कृषक और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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