नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में सोमवार को फ्रांस के क्रिस्टो पोपोव और टोमा जूनियर पोपोव मेंस डबल्स में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाए। उन्हें जापान के ताकुमी नोमुरा और युइची शिमोगामी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, क्योंकि सिंगल्स और डबल्स मैचों के बीच टोमा को रिकवरी के लिए बहुत कम समय मिला था।
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नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में सोमवार को फ्रांस के क्रिस्टो पोपोव और टोमा जूनियर पोपोव मेंस डबल्स में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाए। उन्हें जापान के ताकुमी नोमुरा और युइची शिमोगामी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, क्योंकि सिंगल्स और डबल्स मैचों के बीच टोमा को रिकवरी के लिए बहुत कम समय मिला था।
टोमा ने माना कि टाइट शेड्यूल की वजह से डबल्स मैच के लिए कोर्ट पर उतरने से पहले उन्हें जरूरी रिकवरी का समय नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा, "रिकवरी करना वाकई मुश्किल था। जब मैं सीधे कोर्ट पर गया तो मुझे अच्छा महसूस नहीं हुआ। मुझे समझ नहीं आता कि रेफरी ने मुझे इतने टाइट शेड्यूल में क्यों डाला। शायद आपको उनसे पूछना चाहिए कि क्यों, क्योंकि मुझे नहीं लगता कि यह सही था। हमें हालात के हिसाब से ढलना होता है, बस यही बात है। मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया, इसलिए मैंने रिकवरी के लिए भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया।"
उन्होंने आगे कहा, "मैंने जल्द से जल्द ठीक से खाना खाने और मेंस डबल्स के लिए वापस आकर तैयार होने की कोशिश की। भले ही आज मेंस डबल्स में मैं शत प्रतिशत फिट नहीं था, लेकिन मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और क्रिस्टो ने भी अपना सर्वश्रेष्ठ दिया, और यही सबसे महत्वपूर्ण है।"
हालांकि, फ्रांसीसी जोड़ी ने हार के लिए शेड्यूल को बहाना नहीं बनाया। टोमा के लिए, निर्णायक पल सर्व और रिटर्न के ठीक बाद की रैलियों में आए, जहां जापान ने रैलियों के अहम बीच वाले हिस्से में बढ़त बना ली। जब उनसे पूछा गया कि मैच कहां से हाथ से निकल गया, तो टोमा ने कहा, "सर्व, रिटर्न और हाफ-कोर्ट, तीसरा शॉट। मुझे ऐसा लगता है। और खासकर प्रोएक्टिव डिफेंस के मामले में।"
दोनों खिलाड़ी नई दिल्ली में सिंगल्स और डबल्स दोनों में हिस्सा ले रहे हैं। यह एक मुश्किल कॉम्बिनेशन है, जिससे अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या किसी दूसरे इवेंट का विकल्प होने से शुरुआती हार का दबाव कम हो सकता है। टोमा ने इस बात को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "शायद इससे आप पर थोड़ा कम दबाव होता है, लेकिन मुझे लगता है कि हम प्रोफेशनल हैं। जब हम कोर्ट पर उतरते हैं, तो जीतने के लिए खेलते हैं, न कि इसलिए कि हमारे पास कोई बैक-अप प्लान है। हम पूरी जान लगा देते हैं और उस दिन अपना शत प्रतिशत देते हैं।"
क्रिस्टो ने भी इसी बात को दोहराया और कहा कि दो इवेंट्स में खेलने से उस सोच में कोई बदलाव नहीं आता जिसके साथ वे किसी भी मैच में उतरते हैं।
क्रिस्टो ने कहा, "मुझे लगता है कि हर मैच अपने आप में अलग होता है। हर मैच के लिए हम अलग तरह से तैयारी करते हैं। हम सामने वाले को हल्के में नहीं लेते, मुझे ऐसा नहीं लगता। जैसा कि उन्होंने कहा, "हम प्रोफेशनल हैं। अगर हम दोनों कैटेगरी में खेलते हैं, तो इसका मतलब है कि हम यह स्वीकार करते हैं कि कभी-कभी हम शारीरिक रूप से शत प्रतिशत फिट नहीं होते।"
हालांकि, क्रिस्टो के लिए मैच शुरू होने के बाद उनके भाई की शारीरिक स्थिति मुख्य समस्या नहीं थी। उन्हें लगा कि जापानी जोड़ी ने जिस स्तर के खेल की मांग की, वैसा प्रदर्शन फ्रांस की जोड़ी उस दिन नहीं कर पाई।
क्रिस्टो ने कहा, "मुझे लगता है कि आज वह शारीरिक रूप से ठीक थे; बात सिर्फ खेल की थी। जापानी जोड़ी के खिलाफ पहला मैच शायद टूर्नामेंट में शुरुआत करने के लिए काफी मुश्किल पहला राउंड था। मुझे लगता है कि उन्हें हराने के लिए हमें आज अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना था। हमने ऐसा नहीं किया, तो यह खेल का ही एक हिस्सा है।"
--आईएएनएस
आरएसजी
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