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बीएपीएस हिंदू मंदिर को मिला वैश्विक सर्वोच्च सम्मान, अबू धाबी में 'टॉलरेंस अवॉर्ड 2026' से सम्मानित


अबू धाबी, 4 जून (आईएएनएस)। विश्व में शांति, सद्भाव और मानवीय एकता का संदेश प्रसारित करने वाले बीएपीएस हिंदू मंदिर, अबू धाबी को प्रतिष्ठित 'टॉलरेंस अवॉर्ड 2026' से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान इंटरनेशनल डायलॉग ऑफ सिविलाइजेशन एंड टॉलरेंस कॉन्फ्रेंस (आईडीसीटी 2026) के दौरान प्रदान किया गया, जो वैश्विक स्तर पर सहिष्णुता, संवाद और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं को दिया जाता है।

अबू धाबी, 4 जून (आईएएनएस)। विश्व में शांति, सद्भाव और मानवीय एकता का संदेश प्रसारित करने वाले बीएपीएस हिंदू मंदिर, अबू धाबी को प्रतिष्ठित 'टॉलरेंस अवॉर्ड 2026' से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान इंटरनेशनल डायलॉग ऑफ सिविलाइजेशन एंड टॉलरेंस कॉन्फ्रेंस (आईडीसीटी 2026) के दौरान प्रदान किया गया, जो वैश्विक स्तर पर सहिष्णुता, संवाद और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं को दिया जाता है।

यह पुरस्कार केवल एक संस्था का सम्मान नहीं बल्कि उन सार्वभौमिक मूल्यों की स्वीकृति है, जिन्हें बीएपीएस हिंदू मंदिर निरंतर समाज में स्थापित कर रहा है-मानवता, करुणा, एकता और पारस्परिक सम्मान। सद्भाव का उत्सव,ओमसीयत तथा विभिन्न मानवीय सहायता अभियानों के माध्यम से मंदिर ने विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों और राष्ट्रीयताओं के लोगों को एक मंच पर लाकर विश्व-बंधुत्व का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है।

पुरस्कार ग्रहण करते हुए बीएपीएस हिंदू मंदिर, अबू धाबी के प्रमुख पूज्य ब्रह्मविहारी स्वामी ने परिवार, आध्यात्मिकता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य पर प्रेरणादायी विचार रखे। उन्होंने कहा, ''आज सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह नहीं है कि एआई क्या कर सकता है बल्कि यह है कि एआई के प्रभाव से हम किस प्रकार के मनुष्य बन रहे हैं।''

उन्होंने भारतीय संस्कृति के शाश्वत आदर्श ‘मातृदेवो भव’, ‘पितृदेवो भव’ और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का उल्लेख करते हुए कहा कि मजबूत परिवार ही मजबूत समाज और समृद्ध राष्ट्र का आधार होते हैं।

उन्होंने परम पूज्य प्रमुखस्वामी महाराज द्वारा प्रेरित ‘घर सभा’ की परंपरा को आधुनिक युग की एक प्रभावी सामाजिक आवश्यकता बताया, जहां परिवार प्रतिदिन कुछ समय साथ बैठकर प्रार्थना, संवाद और आत्मीयता का अनुभव करता है।

अपने उद्बोधन के समापन पर उन्होंने एक अत्यंत प्रेरक संदेश दिया कि ''भविष्य केवल अधिक बुद्धिमान मशीनों से नहीं बनेगा बल्कि वह अधिक सशक्त परिवारों, अधिक संवेदनशील हृदयों और अधिक करुणामय समुदायों से निर्मित होगा। हमें केवल एआई निर्भर परिवार नहीं बल्कि एआई सशक्त परिवार चाहिए।''

यह सम्मान बीएपीएस हिंदू मंदिर की उस वैश्विक भूमिका का प्रतीक है, जिसके माध्यम से वह संस्कृतियों, समुदायों और देशों को जोड़ते हुए विश्व में शांति, संवाद और मानव एकता की नई प्रेरणा बन रहा है। ''जहां विविधता का सम्मान होता है, वहीं सच्ची एकता का उदय होता है।''

--आईएएनएस

एसके/पीएम

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