
नई दिल्ली. देश की स्वास्थ्य नीति को और अधिक सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली के निदेशक प्रो. डॉ. एम. श्रीनिवास को नीति आयोग (NITI Aayog) का सदस्य नियुक्त किया गया है। एम्स संस्थान ने आधिकारिक तौर पर इस खबर की पुष्टि करते हुए इसे संस्थान और देश की स्वास्थ्य बिरादरी के लिए एक गौरवशाली क्षण बताया है।
एम्स नई दिल्ली ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से डॉ. श्रीनिवास को बधाई देते हुए कहा कि यह नियुक्ति संस्थान की विशेषज्ञता और उनके दूरदर्शी नेतृत्व पर मुहर लगाती है। संस्थान ने विश्वास जताया है कि डॉ. श्रीनिवास के नीति आयोग से जुड़ने के बाद 'राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति' (National Health Policy) को एक नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी।
प्रो. डॉ. एम. श्रीनिवास ने सितंबर 2022 में एम्स दिल्ली के निदेशक का पदभार संभाला था। तब से लेकर अब तक उन्होंने संस्थान की कार्यप्रणाली में कई क्रांतिकारी बदलाव किए हैं:
डिजिटल हेल्थ मिशन: उनके कार्यकाल में एम्स में डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली को मजबूती मिली, जिससे मरीजों की लंबी कतारों में कमी आई।
पारदर्शिता और जवाबदेही: प्रशासनिक स्तर पर उन्होंने पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार मुक्त सेवा सुनिश्चित करने के लिए कई सख्त कदम उठाए।
मरीज सुविधा: 'पेशेंट फर्स्ट' के सिद्धांत को अपनाते हुए उन्होंने एम्स में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया।
नीति आयोग भारत सरकार का थिंक-टैंक है, जो देश के विकास के लिए दीर्घकालिक रणनीतियां तैयार करता है। डॉ. श्रीनिवास की नियुक्ति के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में निम्नलिखित सुधारों की उम्मीद की जा रही है:
सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचा: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं के अंतर को कम करना।
नवाचार और अनुसंधान: देश में मेडिकल रिसर्च और नई दवाओं/तकनीकों के विकास को बढ़ावा देना।
सस्ती चिकित्सा: आयुष्मान भारत और अन्य सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाना।
डॉ. श्रीनिवास के पास प्रशासनिक और चिकित्सीय क्षेत्र का विशाल अनुभव है। इससे पहले वे ईएसआईसी (ESIC) अस्पताल, हैदराबाद के डीन के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी यह नई जिम्मेदारी सीधे तौर पर आम भारतीय नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
Leave A Reviews