
जबलपुर. जिला अस्पताल विक्टोरिया की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। ओपीडी (OPD) से गायब रहने और कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) को नजरअंदाज करने वाले 7 नोडल चिकित्सा अधिकारियों के खिलाफ सिविल सर्जन डॉ. नवीन कोठारी ने सख्त रुख अपनाया है। इन सभी डॉक्टरों के एक दिन का वेतन काटने के आदेश जारी करने की तैयारी कर ली गई है।
अस्पताल प्रबंधन के इस कड़े कदम से लापरवाह कर्मचारियों और डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि मरीजों के स्वास्थ्य और शासकीय नियमों के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विक्टोरिया अस्पताल की शाम की ओपीडी में डॉक्टरों के समय पर न बैठने और नदारद रहने की शिकायतें लगातार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और सिविल सर्जन को मिल रही थीं। शिकायतों की हकीकत जानने के लिए सिविल सर्जन डॉ. नवीन कोठारी ने वरिष्ठ अधिकारियों की टीम के साथ अस्पताल का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया। इस दौरान 7 नोडल चिकित्सा अधिकारी अपनी ड्यूटी से गायब पाए गए।
इस घोर लापरवाही पर सिविल सर्जन ने तुरंत एक्शन लेते हुए सभी 7 डॉक्टरों को शोकॉज नोटिस जारी कर तय समय सीमा में जवाब मांगा था। हालांकि, डॉक्टरों ने इस नोटिस का जवाब देना भी मुनासिब नहीं समझा और प्रशासनिक आदेश को पूरी तरह से हवा में उड़ा दिया।
"नोटीस का जवाब न देना अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा और प्रशासनिक मर्यादा का उल्लंघन है। सरकारी दायित्वों के प्रति ऐसा मनमाना रवैया स्वीकार्य नहीं है। मरीजों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए इन सभी दोषी अधिकारियों के खिलाफ 1 दिन की वेतन कटौती की फाइल तैयार की जा रही है।" - डॉ. नवीन कोठारी, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल विक्टोरिया
अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य व्यवस्थाओं में सुधार करना और डॉक्टरों को समय का पाबंद बनाना है। विक्टोरिया अस्पताल में रोजाना सैकड़ों की संख्या में गरीब और मध्यमवर्गीय मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिन्हें डॉक्टरों के न होने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सिविल सर्जन ने चेतावनी दी है कि ओपीडी सेवाओं में कोताही बरतने वालों पर आगे भी ऐसी गाज गिरती रहेगी और आने वाले दिनों में औचक निरीक्षण का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
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