
नई दिल्ली. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी अमेरिकी नाकाबंदी के बीच भारत के लिए एक सुकून भरी खबर आई है। भारतीय ध्वज वाला एलपीजी गैस टैंकर ‘जग विक्रम’ दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग को सफलतापूर्वक पार कर ओमान की खाड़ी में प्रवेश कर गया है। यह जहाज अब तेजी से भारतीय तट की ओर बढ़ रहा है।
कांडला बंदरगाह पर कल पहुंचने की उम्मीद जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने पुष्टि की है कि ‘जग विक्रम’ पर लगभग 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी गैस लदी हुई है। जहाज पर 24 भारतीय नाविक सवार हैं, जो सुरक्षित हैं। शुक्रवार रात और शनिवार सुबह के बीच इस जहाज ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को पार किया। उम्मीद जताई जा रही है कि 14 अप्रैल (मंगलवार) तक यह गुजरात के कांडला बंदरगाह पर लंगर डाल देगा।
बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य, जाम की स्थिति नहीं मंत्रालय ने वैश्विक तनाव के बीच भारतीय व्यापारिक स्थिति पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है। समुद्र में तनाव के बावजूद फिलहाल किसी भी बंदरगाह पर जहाजों की भीड़ या माल की आवाजाही में जाम जैसी कोई स्थिति रिपोर्ट नहीं की गई है।
15 भारतीय जहाज अब भी 'खतरे के क्षेत्र' में भले ही ‘जग विक्रम’ सुरक्षित बाहर निकल आया हो, लेकिन चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:
मार्च की शुरुआत से अब तक केवल 9 भारतीय जहाज ही फारस की खाड़ी से सुरक्षित बाहर निकल सके हैं।
वर्तमान में 15 भारतीय जहाज अब भी होर्मुज जलडमरूमध्य के पास फंसे हुए हैं।
इसके अलावा, भारत के लिए जरूरी सामान (Cargo) लेकर आ रहे कई विदेशी जहाज भी इसी अशांत क्षेत्र में अटके हैं।
अमेरिकी नाकाबंदी से बढ़ी वैश्विक टेंशन हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज में नाकाबंदी के ऐलान ने वैश्विक व्यापारिक गलियारों में खलबली मचा दी है। चूंकि इस मार्ग से दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए भारत सहित पूरी दुनिया की निगाहें अमेरिकी नौसेना के अगले कदम पर टिकी हैं। अब चुनौती उन 15 जहाजों को सुरक्षित निकालने की है जो वर्तमान में नाकाबंदी और बढ़ते सैन्य जमावड़े के बीच फंसे हुए हैं।
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