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बिशन सिंह बेदी : पाकिस्तान की 'नापाक' हरकत से गुस्सा होकर भारतीय बल्लेबाजों को बुला लिया था वापस, उपलब्धियां से भरा रहा करियर


नई दिल्ली, 24 सितंबर (आईएएनएस)। 1970 के दशक में भारतीय स्पिन चौकड़ी को अबूझ पहेली माना जाता था। दुनिया का बड़े से बड़ा बल्लेबाज भारत के चार स्पिनर्स, बिशन सिंह बेदी, प्रसन्ना, चंद्रशेखर और राघवन, के आगे घुटने टेक देता था। इस चौकड़ी में से एक थे बिशन सिंह बेदी, जिनका इंटरनेशनल करियर उपलब्धियों से भरा रहा।

नई दिल्ली, 24 सितंबर (आईएएनएस)। 1970 के दशक में भारतीय स्पिन चौकड़ी को अबूझ पहेली माना जाता था। दुनिया का बड़े से बड़ा बल्लेबाज भारत के चार स्पिनर्स, बिशन सिंह बेदी, प्रसन्ना, चंद्रशेखर और राघवन, के आगे घुटने टेक देता था। इस चौकड़ी में से एक थे बिशन सिंह बेदी, जिनका इंटरनेशनल करियर उपलब्धियों से भरा रहा।

बिशन सिंह बेदी का जन्म 25 सितंबर, 1946 को पंजाब के अमृतसर में हुआ। बेदी बचपन से ही गेंद को घुमाने में माहिर थे। महज 15 साल की उम्र में उन्हें उत्तर पंजाब की राज्य टीम में शामिल किया गया था। 1961 में बिशन सिंह बेदी ने घरेलू क्रिकेट में अपना डेब्यू किया और इसके बाद अपनी गेंदबाजी से हर किसी को प्रभावित करते चले गए।

बिशन बेदी को भारतीय टीम की ओर से खेलने का पहली बार मौका 1967 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मिला। इस मैच में बेदी सिर्फ 2 विकेट ही निकाल सके। हालांकि, धीरे-धीरे अपनी घूमती गेंदों के बूते बेदी ने भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की कर ली। प्रसन्ना, चंद्रशेखर, राघवन के साथ मिलकर बिशन बेदी बल्लेबाजों की अग्निपरीक्षा लिया करते थे। बेदी की गेंदों को समझ पाना काफी कठिन हुआ करता था। उन्हें बल्लेबाज पढ़ने में पूरी तरह से नाकाम रहते थे।

बिशन सिंह बेदी भारतीय टीम के कप्तान भी रहे। साल 1978 में बेदी के कप्तान रहते हुए भारतीय टीम पाकिस्तान के दौरे पर थी। सीरीज के तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 40 ओवर में 7 विकेट खोकर 205 रन बनाए। भारतीय टीम 183 के स्कोर पर 2 विकेट खोकर मजबूत स्थिति में थी और मैच जीतने की तरफ तेजी से बढ़ रही थी।

हालांकि, हार को सामने देखकर पाकिस्तान के कप्तान मुश्ताक मोहम्मद ने तेज गेंदबाज सरफराज नवाज संग मिलकर प्लान बनाया। नवाज ने पारी के 38वें ओवर की लगातार चार गेंदें बाउंसर फेंकी, लेकिन फिर भी अंपायर ने एक बार भी गेंद को वाइड करार नहीं दिया। इस मैच में अंपायरिंग पाकिस्तान के दो अंपायर, जावेद अख्तर और खिजर हयात, कर रहे थे और कप्तान मुश्ताक ने उनके साथ सांठगांठ कर ली थी।

पाकिस्तान की नापाक हरकत और अंपायर के इस रवैये को देखकर ड्रेसिंग रूम में बैठे कप्तान बिशन सिंह बेदी बेहद नाराज हो गए थे और उन्होंने तुरंत बल्लेबाजों को मैदान से वापस आने के लिए कह दिया था। भारत इस मैच में आगे बल्लेबाजी करने नहीं उतरा और पाकिस्तान को विजेता घोषित कर दिया गया था।

बिशन सिंह बेदी ने भारत के लिए खेले 67 टेस्ट मैचों में कुल 266 विकेट चटकाए। वहीं, वनडे क्रिकेट में खेले 10 मुकाबलों में उन्होंने कुल 7 विकेट निकाले। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में बिशन सिंह बेदी का रिकॉर्ड कमाल का रहा और उन्होंने 370 मैचों में 1,560 विकेट निकाले। बेदी ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 106 बार एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा किया।

--आईएएनएस

एसएम/एबीएम

Date & Time : 2026-09-24 18:20:10

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