
भोपाल। मध्य प्रदेश में एक मई से नई जनगणना शुरू होने जा रही है। इसे लेकर राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 55 कलेक्टर, 16 निगमायुक्त और 12 संभागायुक्त सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
कांफ्रेंस में अधिकारियों को जनगणना के विभिन्न चरणों, डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल, फील्ड एक्टिविटीज और संभावित चुनौतियों के समाधान पर प्रशिक्षण दिया गया। रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया की मौजूदगी में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि इस बार की जनगणना “सबसे हटकर” होगी और अधिकारियों को इसे गंभीरता से लेकर भविष्य की सही स्थिति तय करनी होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनगणना के दौरान नीति, सवालों की संरचना, डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल, फील्ड कर्मचारियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण सहित फंड वितरण और उपयोगिता प्रमाण पत्र जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से इस गणना के कई मायने होंगे।
कांफ्रेंस में यह भी बताया गया कि 16 फरवरी से विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है और राज्य में किसान कल्याण वर्ष के तहत फसलों के मुआवजे जैसे विकास संबंधी कदम भी सुनिश्चित किए जाएंगे।
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