इंफाल, 28 मई (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने गुरुवार को कहा कि छह नागा नागरिकों के अपहरण मामले में सुरक्षा बलों ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है। राज्य सरकार इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से देख रही है और अपहृत लोगों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए लगातार बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।
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इंफाल, 28 मई (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने गुरुवार को कहा कि छह नागा नागरिकों के अपहरण मामले में सुरक्षा बलों ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है। राज्य सरकार इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से देख रही है और अपहृत लोगों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए लगातार बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलग-अलग इलाकों में समन्वय के साथ अभियान चला रही हैं। अपहृत लोगों का जल्द से जल्द पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए तलाशी और कॉम्बिंग ऑपरेशन तेज कर दिए गए हैं।
कांगपोकपी जिले के माखन नागा गांव के दौरे के दौरान मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "13 मई को हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शामिल अपराधियों को पकड़ने के लिए जांच जारी है। सरकार बंधक बनाए गए लोगों को लेकर जनता की भावनाओं को समझती है और जल्द ही उन्हें खोज निकाला जाएगा।"
माखन नागा गांव में जातीय हिंसा से प्रभावित आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) के लिए राहत शिविर बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने यहां माखेन बैपटिस्ट चर्च में रह रहे लोगों से मुलाकात की। इनमें कोंसाखुल गांव की नागा महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, जिन्हें हाल ही में हथियारबंद उग्रवादियों ने बंधक बना लिया था और बाद में रिहा कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में रह रहे लोगों को चावल, दाल, आलू, प्याज, खाद्य तेल, चीनी, चायपत्ती और बिस्कुट जैसी जरूरी राहत सामग्री भी वितरित की। वर्तमान में इस राहत शिविर में करीब 35 लोग रह रहे हैं।
उन्होंने गांव के सामुदायिक भवन का भी निरीक्षण किया और गांव के मुखिया तथा जिला अधिकारियों से अधिक विस्थापित लोगों को ठहराने की संभावनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कांगपोकपी के डिप्टी कमिश्नर को निर्देश दिए कि राहत शिविर में गद्दे, मच्छरदानी और अन्य जरूरी सामान तुरंत उपलब्ध कराए जाएं।
गांव के मुखिया ने मुख्यमंत्री को बताया कि कांगपोकपी जिले में कई नागा परिवार डर के कारण अपने गांव छोड़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री लोसी दिखो, विधायक लीशियो किशिंग, अवांगबोउ न्यूमई, हाइकम डिंगो सिंह, जांघेलमंग पनमेई, खाशिम वाशुम, राम मुइवाह, जे. कुमो शा, गृह आयुक्त एन. अशोक कुमार, और कांगपोकपी के डिप्टी कमिश्नर महेश चौधरी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री के माखेन बैपटिस्ट चर्च गेस्ट हाउस पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया। इस दौरान माखन गांव और कोंसाखुल गांव के अध्यक्षों ने राहत शिविर में रह रहे लोगों की परेशानियों और कठिनाइयों की जानकारी दी।
उधर, केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों ने गुरुवार को भी मणिपुर के कांगपोकपी, सेनापति और आसपास के जिलों में संयुक्त तलाशी अभियान जारी रखा। सुरक्षा एजेंसियां उन 20 नागा और कुकी समुदाय के लोगों को छुड़ाने की कोशिश कर रही हैं, जिन्हें अब भी हथियारबंद समूहों ने बंधक बना रखा है।
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, 13 मई को हुई हिंसा के बाद कांगपोकपी और सेनापति जिलों में करीब 50 नागा और कुकी समुदाय के लोगों को अलग-अलग उग्रवादी समूहों ने बंधक बना लिया था। इसी हिंसा में तीन चर्च नेताओं की हत्या कर दी गई थी, जबकि चार अन्य घायल हुए थे।
अधिकारियों, समुदाय के नेताओं और कई सामाजिक संगठनों की लगातार कोशिशों के बाद 14 और 15 मई को करीब 30 लोगों को रिहा करा लिया गया था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 25 मई को चलाए गए एक संयुक्त अभियान में मणिपुर पुलिस, सीआरपीएफ और असम राइफल्स की टीमों ने कांगपोकपी जिले में पी. मोल्डिंग और लेलोन वैफेई गांवों के बीच के इलाके से चार लोगों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान थांगखोमांग खोंगसाई (51), सेइखोलेट खोंगसाई (40), लुनमिनथांग डिमंगल (27), और कामगौलाल खोंगसाई (30) के रूप में हुई है।
--आईएएनएस
वीकेयू/एबीएम
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