
चंडीगढ़। दिल्ली के सरिता विहार इलाके में मंगलवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया जब चंडीगढ़ पुलिस की एक टीम प्रसिद्ध लेखिका मधु किश्वर के दफ्तर और आवास पर पहुँची। पुलिस की यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े एक कथित फर्जी और भ्रामक वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले में की गई है। चंडीगढ़ पुलिस ने मधु किश्वर को पूछताछ के लिए पेश होने का नोटिस थमाया है।
यह मामला तब शुरू हुआ जब 19 अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसे प्रधानमंत्री का बताकर भ्रामक तरीके से पेश किया गया था। चंडीगढ़ के सेक्टर-19 पुलिस स्टेशन में इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सेक्टर-19 चंडीगढ़ की SHO सरिता रॉय ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मधु किश्वर पर आरोप है कि उन्होंने इस फर्जी वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल से रीट्वीट किया था। पुलिस टीम उन्हें 35.3 BNSS का नोटिस देने पहुँची थी, जिसमें उन्हें कल पुलिस स्टेशन में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, लेखिका मधु किश्वर ने पुलिस की इस कार्रवाई और रात के समय दबिश देने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार किसी महिला को सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। उन्होंने नोटिस स्वीकार कर लिया है लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से खुद पर लगे अन्य आरोपों, जैसे पोक्सो और जबरन वसूली को लेकर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को कानूनी रूप से हैंडल करने के लिए तैयार हैं।
चंडीगढ़ पुलिस ने केवल मधु किश्वर ही नहीं, बल्कि इस वीडियो को फैलाने वाले अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स को भी रडार पर लिया है। पुलिस ने सेक्टर-26 थाने में बीएनएस की धाराएं 196, 318, 336, 340, 353, 356 और आईटी एक्ट की धारा 66C, 66D व 67 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस फर्जी वीडियो को बनाने और इसे बड़े पैमाने पर प्रचारित करने के पीछे किन लोगों का हाथ है और उनका असली मकसद क्या है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के खिलाफ भ्रामक सामग्री फैलाना कानूनन अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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