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छात्र आंदोलन को लेकर भाजपा का कांग्रेस और सीजेपी पर हमला, कहा-'राहुल गांधी झारखंड क्यों नहीं जा रहे'


रांची/अहमदाबाद, 7 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में चल रहे छात्रों के आंदोलन को लेकर भाजपा प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने कांग्रेस और सीपीआई पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि झारखंड के आंदोलन पर जिस तरह का रवैया राहुल गांधी और कांग्रेस ने अपनाया है, उससे वे खुद ही बेनकाब हो गए हैं।

रांची/अहमदाबाद, 7 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में चल रहे छात्रों के आंदोलन को लेकर भाजपा प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने कांग्रेस और सीपीआई पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि झारखंड के आंदोलन पर जिस तरह का रवैया राहुल गांधी और कांग्रेस ने अपनाया है, उससे वे खुद ही बेनकाब हो गए हैं।

आईएएनएस से भाजपा प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने कहा कि झारखंड में यूपीए की सरकार है लेकिन वहां राहुल गांधी क्यों नहीं जा रहे हैं? वहां वीडियो कॉल के जरिए बातचीत क्यों कर रहे हैं? छात्र वहां अनशन पर बैठे हैं, भूख हड़ताल पर हैं। उन्हें प्रदर्शन के लिए जगह नहीं दी जा रही है और उनके साथ बर्बरता की जा रही है।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता कहते हैं कि वह बीमार हैं लेकिन दोस्तों की छत पर मिलने पहुंच जाते हैं। यह दोहरा मापदंड नहीं तो और क्या है? यह एक षड्यंत्र है और ये लोग छात्रों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इन्हें छात्रों से कोई मतलब नहीं है। अगर इन्हें मतलब होता तो ये कुछ करके उदाहरण पेश करते। अब इनकी सच्चाई सामने आ गई है।

रोहन गुप्ता ने 6 अगस्त 2026 को तिरुवनंतपुरम में केरल सचिवालय के बाहर केरल लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के रैंकधारकों और युवा संगठनों द्वारा रुकी हुई भर्ती के विरोध तथा तत्काल नियुक्ति आदेश की मांग को लेकर किए गए प्रदर्शन पर कहा कि जहां-जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां इस तरह का माहौल देखने को मिलेगा। कर्नाटक और तेलंगाना में कोई बात करने को तैयार नहीं है। झारखंड में कोई जाने वाला नहीं है, केरल पर कोई बोलने वाला नहीं है। यह उनका दोगलापन नहीं तो और क्या है?

वहीं, भाजपा विधायक रागिनी सिंह ने झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन पर कहा कि छात्र 14 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, यह दुखद है। मुख्यमंत्री को स्वयं आकर बातचीत करनी चाहिए और मामले की जांच का आश्वासन देना चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं कर सकते तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत को टालने की कोशिश कर रही है। बच्चे और बच्चियां भूख हड़ताल पर हैं। सबसे पहले मुख्यमंत्री को उनका हालचाल लेने पहुंचना चाहिए। स्थिति देखकर दिल दहल जाता है। उन्हें पहले छात्रों से मुलाकात करनी चाहिए और फिर मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। हो सकता है कि उन्हें डर हो कि उनके विभाग के लोग ही इसमें फंस जाएंगे।

--आईएएनएस

एएमटी/पीएम

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