
छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत तालगांव में गुरुवार शाम एक विचलित करने वाला हादसा सामने आया है। खराब मौसम और तेज आंधी-तूफान के दौरान एक 10 वर्षीय बच्ची अपने ही घर की छत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल बच्ची की पहचान रूबी (पिता ब्रजभारत पटेल) के रूप में हुई है। गुरुवार शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच जब अचानक मौसम बदला और तेज आंधी चलने लगी, तब रूबी छत पर सूख रहे गेहूं को समेटने गई थी। बताया जा रहा है कि रूबी ने उस वक्त चुनरी ओढ़ रखी थी। तेज हवा के झोंकों के कारण उसकी चुनरी में अचानक हवा भर गई और दबाव इतना अधिक था कि वह खुद को संभाल नहीं पाई।
छत पर सुरक्षा के लिए मुंडेर (बाउंड्री) नहीं होने के कारण मासूम रूबी का संतुलन बिगड़ा और वह करीब 10 से 12 फीट की ऊंचाई से सीधे कंक्रीट की जमीन पर जा गिरी। गिरने के साथ ही रूबी बेहोश हो गई। इस भीषण हादसे में उसके मुंह पर गहरी चोटें आई हैं, जिससे उसके दांत टूट गए हैं और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर अंदरूनी चोटें बताई जा रही हैं।
चीख-पुकार सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और लहूलुहान हालत में बच्ची को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे ट्रॉमा वार्ड में शिफ्ट किया है। फिलहाल रूबी का इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को एक बार फिर उजागर किया है। अक्सर गांवों में घरों की छतों पर मुंडेर नहीं बनाई जाती, जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए काल साबित होती है। विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन ने अपील की है कि आंधी-तूफान जैसे मौसम में बच्चों को अकेले छतों पर न भेजें और घर के निर्माण में सुरक्षा दीवारों (मुंडेर) को प्राथमिकता दें।
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