
छतरपुर जिले की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। मामला शासकीय प्राथमिक शाला कदारी का है, जहां स्कूल समय के दौरान एक प्राथमिक शिक्षिका कक्षा के भीतर आराम से सोती हुई नजर आ रही हैं। वहीं कक्षा में मौजूद मासूम बच्चे पढ़ाई करने के बजाय लाचार होकर इधर-उधर बैठे दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो 16 सितंबर का बताया जा रहा है।
क्लास में सोती रहीं मैडम, बच्चे करते रहे इंतजार
वायरल वीडियो में शासकीय प्राथमिक शाला कदारी में पदस्थ प्राथमिक शिक्षिका रेखा मानव कुर्सी पर बेसुध होकर सोती हुई दिखाई दे रही हैं। उनके ठीक आसपास छोटे-छोटे बच्चे बैठे हैं। बच्चों को पढ़ाने के बजाय अध्यापिका के इस तरह सोने का वीडियो किसी ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर इंटरनेट पर साझा कर दिया। हालांकि, वीडियो किन परिस्थितियों में रिकॉर्ड किया गया और उस वक्त वास्तविक स्थिति क्या थी, यह प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगा।
पालकों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश
वीडियो सामने आते ही स्थानीय ग्रामीणों और बच्चों के अभिभावकों में भारी रोष देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सुदूर ग्रामीण अंचलों में सरकारी स्कूलों का जिम्मा शिक्षकों पर होता है, लेकिन इस तरह की लापरवाही से बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
स्थानीय निवासी गोलू महाराज ने नाराजगी जताते हुए कहा कि शिक्षकों की ऐसी बेरुखी से बच्चों की बुनियादी शिक्षा पूरी तरह प्रभावित होती है। उन्होंने मामले की औपचारिक शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से करने की बात कहते हुए निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
डीईओ ने लिया संज्ञान, जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
मामला तूल पकड़ने पर छतरपुर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) पीके रैकवार ने बताया कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) अथवा संकुल प्राचार्य के माध्यम से पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट में लापरवाही की पुष्टि होने पर संबंधित शिक्षिका के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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