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मऊगंज में करंट लगने से हाथी की मौत


मऊगंज जिले से वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जिला मुख्यालय से सटे मलकपुर गांव के पास शनिवार को करंट लगने से एक जंगली हाथी की दर्दनाक मौत हो गई। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, हाथी जंगल में विचरण करते समय बिजली के खुले तार की चपेट में आ गया।

बताया जा रहा है कि बिजली का तार हाथी की सूंड में फंस गया था। तेज करंट लगने के कारण विशालकाय जीव को संभलने का मौका भी नहीं मिला और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद एक बार फिर जंगलों से गुजरने वाली बिजली लाइनों से वन्यजीवों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

वन विभाग की टीम मौके पर, पोस्टमार्टम की तैयारी

मऊगंज में हाथी की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग की टीम तुरंत हरकत में आई और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुँची। डीएफओ लोकेश नीरापुरे ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि विभाग द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

जिस स्थान पर यह दुखद घटना हुई, वह क्षेत्र वन विकास निगम के अंतर्गत आता है। अधिकारियों ने बताया कि हाथी का शव मलकपुर के पास ही सुरक्षित रखा गया है, जहाँ वन्यप्राणी विशेषज्ञों की निगरानी में उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों और लापरवाही के स्तर का पता चल सकेगा।

छह महीने से इलाके में घूम रहा था हाथियों का जोड़ा

मृत हाथी उस जोड़े का हिस्सा था, जो पिछले करीब छह महीने से मऊगंज, रीवा और सीधी जिलों के विभिन्न जंगल क्षेत्रों में लगातार विचरण कर रहा था। हाल ही में यह जोड़ा मऊगंज के हनुमना क्षेत्र में सक्रिय देखा गया था।

यहाँ करीब छह दिनों तक दोनों हाथी अलग-अलग गांवों के पास घूमते रहे, जिस दौरान फसलों को नुकसान पहुँचने और कुछ कच्चे घरों को तोड़ने की घटनाएं भी सामने आई थीं। ग्रामीण इलाकों में हाथियों की मौजूदगी से दहशत का माहौल था, लेकिन इस हादसे ने एक हाथी का सफर हमेशा के लिए खत्म कर दिया।

मऊगंज-सीधी सीमा पर विचरण के बाद लौटी थी आफत

जंगलों में घूमता हुआ यह जोड़ा 14 सितंबर को हनुमना क्षेत्र के तुर्रा पहाड़ को पार कर सीधी जिले के मधुगांव के जंगल में दाखिल हुआ था। इसके बाद करीब पांच दिनों तक दोनों हाथी मऊगंज और सीधी सीमा से लगे घने जंगलों में घूमते रहे।

शुक्रवार रात को ही दोनों हाथियों ने दोबारा मऊगंज सीमा में प्रवेश किया था और मलकपुर के पास पहुँचे थे। इसी दौरान यह आफत आ गई और एक साथी हमेशा के लिए बिछड़ गया। अब वन विभाग दूसरे साथी की सुरक्षा और उसकी लोकेशन पर नजर रख रहा है।

Date & Time : 2026-09-19 09:33:27

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