
महासमुंद. चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व के बीच छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध खल्लारी माता मंदिर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया. मंदिर में संचालित रोप-वे का केबल अचानक टूट जाने से एक ट्रॉली झटके के साथ नीचे आ गिरी. इस दुर्घटना में ट्रॉली में सवार 8 श्रद्धालु घायल हो गए हैं, जिनमें से कुछ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है.
हादसे का विवरण: केबल टूटते ही मची अफरा-तफरी
घटना रविवार सुबह उस वक्त हुई जब श्रद्धालु रोप-वे के जरिए पहाड़ी पर स्थित मंदिर के दर्शन करने जा रहे थे. अचानक केबल टूटने से ट्रॉली अनियंत्रित हो गई. मौके पर मौजूद मंदिर प्रबंधन और पुलिस ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल महासमुंद में भर्ती कराया गया है.
प्रशासन की कार्रवाई और लापरवाही के आरोप
सेवा बंद: हादसे के तुरंत बाद प्रशासन ने रोप-वे सेवा को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया है.
जांच के आदेश: शुरुआती जांच में इसे तकनीकी खराबी माना जा रहा है, लेकिन जिला प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं.
स्थानीय विरोध: स्थानीय लोगों का आरोप है कि अप्रैल 2024 में शुरू हुए इस रोप-वे के रखरखाव और सुरक्षा ऑडिट में भारी लापरवाही बरती गई है.
रोप-वे परियोजना पर एक नजर
यह रोप-वे सेवा भक्तों को 842-981 सीढ़ियां चढ़ने की थकान से बचाने के लिए शुरू की गई थी.
निर्माण: इसका निर्माण कोलकाता की कंपनी 'रोप-वे एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' ने किया था.
क्षमता: करीब 350 मीटर लंबे इस मार्ग पर 4 ट्रॉलियां संचालित थीं, जिनमें प्रति घंटा 200 लोगों को ले जाने की क्षमता थी.
ऊंचाई: यह रोप-वे पहाड़ी की लगभग 130 मीटर की ऊंचाई को कवर करता है.
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