Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

चीन फैक्टर अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों को सीमित करता है : पूर्व अमेरिकी सहायक सचिव


वाशिंगटन, 4 जून (आईएएनएस)। पूर्व अमेरिकी सहायक विदेश सचिव (दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों) निशा देसाई बिस्वाल ने आईएएनएस को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि हो सकता है कि पाकिस्तान ने ट्रंप सरकार के साथ अवसरों का कुशलतापूर्वक लाभ उठाकर वाशिंगटन में अपनी मौजूदगी और प्रभाव बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन इस्लामाबाद और बीजिंग के बीच गहरे रणनीतिक संबंध अंतत: अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों की प्रगति की सीमा तय करेंगे।

वाशिंगटन, 4 जून (आईएएनएस)। पूर्व अमेरिकी सहायक विदेश सचिव (दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों) निशा देसाई बिस्वाल ने आईएएनएस को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि हो सकता है कि पाकिस्तान ने ट्रंप सरकार के साथ अवसरों का कुशलतापूर्वक लाभ उठाकर वाशिंगटन में अपनी मौजूदगी और प्रभाव बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन इस्लामाबाद और बीजिंग के बीच गहरे रणनीतिक संबंध अंतत: अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों की प्रगति की सीमा तय करेंगे।

उन्होंने बताया कि हालिया विकास के बावजूद, स्ट्रक्चरल सच्चाई अमेरिका-पाकिस्तान के संबंधों को रोक रही है। बिस्वाल ने कहा, "अमेरिका-पाकिस्तान संबंध कितना आगे जा सकता है, इसकी कुछ सीमाएं हैं, क्योंकि इस्लामाबाद की बुनियादी बातें नहीं बदली हैं।"

उन्होंने खास तौर पर चीन के साथ पाकिस्तान के पुराने संबंधों की ओर इशारा किया और कहा, "पाकिस्तान और चीन के बीच एक गहरा रणनीतिक और सैन्य संबंध है, एक इंटेलिजेंस संबंध है, साथ ही एक आर्थिक निर्भरता और एक तकनीकी निर्भरता भी है।"

उन्होंने कहा कि ये फैक्टर्स, संबंधों में समय-समय पर होने वाले सुधारों के बावजूद, वाशिंगटन के कैलकुलेशन को बनाते रहेंगे। इससे अमेरिका में संस्थानों को यह सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा कि अमेरिका-पाकिस्तान संबंध कितना आगे जा सकता है।

अमेरिका की पूर्व सहायक विदेश सचिव ने कहा, "भले ही लीडर के स्तर पर और पाकिस्तान के अंदर नेतृत्व के स्तर पर ट्रंप सरकार के साथ इस तरह की एंगेजमेंट हो रही हो, मुझे लगता है कि इसकी एक लिमिट है कि यह कितना आगे जा सकता है।"

बिस्वाल की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत वाशिंगटन और इस्लामाबाद के बीच नए सिरे से एंगेजमेंट के संकेतों पर करीब से नजर रख रहा है।

साथ ही, बिस्वाल ने कहा कि अमेरिका-भारत की बड़ी साझेदारी रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी कन्वर्जेंस से आगे बढ़ रही है और पाकिस्तान को लेकर चिंताओं को वाशिंगटन की क्षेत्रीय प्राथमिकता के बड़े संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

बिस्वाल ने 2013 से 2017 तक दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के लिए राज्य के सहायक सचिव के तौर पर काम किया और भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ अमेरिका के संबंधों को देखा।

अमेरिका-पाकिस्तान के संबंध हमेशा से करीबी सहयोग और तनाव के दौर के बीच बदलते रहे हैं। कोल्ड वॉर और 9/11 के बाद के समय में रक्षा सहयोग संबंधों पर हावी था, लेकिन हाल के सालों में संबंध और मुश्किल हो गए हैं। अमेरिका चीन के साथ रणनीतिक प्रतिस्पर्धा को ज्यादा प्राथमिकता दे रहा है और भारत के साथ अपनी साझेदारी को गहरा कर रहा है।

--आईएएनएस

केके/एबीएम

Share:

Leave A Reviews

Related News