
डबरा/ग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा शहर से एक बेहद डरावनी खबर सामने आई है। यहाँ के एक पॉश इलाके में स्थित दो मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि दुकान के अंदर रखे गैस सिलेंडरों में एक के बाद एक करीब 20 ब्लास्ट (धमाके) हुए, जिससे पूरा इलाका थर्रा उठा। आधी रात को हुए इस हादसे में दुकान मालिक ने सूझबूझ दिखाते हुए अपनी पत्नी और दो बच्चों को खिड़की से नीचे कुदाकर उनकी जान बचाई।
आग बुझाने के लिए डबरा के अलावा ग्वालियर, आंतरी, पिछोर और बीएसएफ (BSF) से दमकल की गाड़ियां बुलानी पड़ीं। करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद भी आग पर काबू पाने का प्रयास जारी रहा।
घटना डबरा के सबसे व्यस्त और पॉश इलाके 'जंगीपुरा' की है। यहाँ जानकी प्रजापति नामक व्यक्ति की दो मंजिला इमारत है, जिसमें नीचे एसी (AC), फ्रिज और रिपेयरिंग के काम आने वाले गैस सिलेंडरों की दुकान व गोदाम है। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात को अचानक इस दुकान से धुएं के साथ आग की लपटें उठने लगीं।
देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। दुकान के ऊपर ही संचालक जानकी प्रजापति अपने परिवार के साथ सो रहे थे। जब तक उन्हें भनक लगी, नीचे से आने वाला सीढ़ियों का रास्ता पूरी तरह आग और धुएं की चपेट में आ चुका था।
चारों तरफ से आग से घिर जाने के बाद जानकी प्रजापति ने हिम्मत नहीं हारी। घर के अंदर दम घुटने लगा था और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। ऐसे में उन्होंने तुरंत कमरे की खिड़की तोड़ी और वहां से पहले अपनी पत्नी और फिर दोनों बच्चों को नीचे कुदाया। इसके बाद वह खुद भी खिड़की से कूद गए। गनीमत रही कि ऊंचाई से कूदने के बाद भी सभी सुरक्षित हैं और उनकी जान बच गई।
दुकान में एसी और फ्रिज की रिपेयरिंग में इस्तेमाल होने वाले छोटे-बड़े गैस सिलेंडर रखे हुए थे। आग की तपिश पाकर ये सिलेंडर बम की तरह फटने लगे। चश्मदीदों के मुताबिक, इलाके में एक के बाद एक करीब 20 जोरदार धमाके हुए। इन धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए और अपने घरों से बाहर भागने लगे। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर तुरंत आसपास के सभी घरों से घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों को बाहर निकलवाया ताकि कोई और बड़ा हादसा न हो जाए।
दुकान संचालक जानकी प्रजापति ने बताया कि दुकान में अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers) मौजूद थे, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें इस्तेमाल करने का मौका ही नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना देने के काफी देर बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक सुरेश राजे ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने नगर पालिका की घोर लापरवाही पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा:
"अगर नगर पालिका की फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती, तो नुकसान इतना बड़ा नहीं होता। डबरा नगर पालिका की दमकल गाड़ियां कंडम स्थिति में हैं। यही वजह है कि आग बुझाने के लिए आंतरी, पिछोर, ग्वालियर और यहाँ तक कि बीएसएफ (BSF) कैंप से गाड़ियां बुलानी पड़ीं।"
फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं और आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इस हादसे के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी डर और नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
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