Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

दक्षिण कोरिया की परमाणु-संचालित पनडुब्बी बनाने की योजना, प्योंगयांग ने दिखाई 'आंख'


सोल, 13 अगस्त (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया ने हाल ही में ऐलान किया कि उसकी परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियां बनाने की योजना है। इस पर पहली बार उत्तर कोरिया ने आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रथम उपमंत्री जांग कुम-चोल ने कहा कि सोल का यह कदम परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में बढ़ता कदम है। उन्होंने अमेरिका-दक्षिण कोरिया के बीच पनडुब्बी सहयोग को कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिरता के लिए खतरा बताया।

सोल, 13 अगस्त (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया ने हाल ही में ऐलान किया कि उसकी परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियां बनाने की योजना है। इस पर पहली बार उत्तर कोरिया ने आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रथम उपमंत्री जांग कुम-चोल ने कहा कि सोल का यह कदम परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में बढ़ता कदम है। उन्होंने अमेरिका-दक्षिण कोरिया के बीच पनडुब्बी सहयोग को कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिरता के लिए खतरा बताया।

योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि दक्षिण कोरियाई एकीकरण मंत्रालय ने कहा कि, यह उत्तर कोरिया की ओर से इस मुद्दे पर पहला आधिकारिक बयान है। प्योंगयांग की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब वह जापान की परमाणु नीति और दक्षिण कोरिया-अमेरिका-जापान के बढ़ते सुरक्षा सहयोग की भी आलोचना कर रहा है। सोल और वाशिंगटन के इस सहयोग को उत्तर कोरिया अपनी सुरक्षा के लिए चुनौती के रूप में देख रहा है।

कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने बुधवार को एक बयान जारी किया। बताया कि उत्तर कोरिया ने अपने लिए ऐसी सैन्य क्षमता विकसित करने का दावा किया है जो मौजूदा और भविष्य के संभावित खतरों को निष्प्रभावी करने में सक्षम हो। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों का मानना है कि इस बयान में रूस और चीन के सुरक्षा दृष्टिकोण के साथ प्योंगयांग की बढ़ती समानता भी दिखाई देती है।

वहीं, दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों का विकास बदलते सुरक्षा माहौल के जवाब में रक्षात्मक कदम है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पार्क डू-सून ने कहा कि प्रस्तावित पनडुब्बियां परंपरागत हथियारों से लैस होंगी, परमाणु हथियारों से नहीं, और यह कार्यक्रम परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के अनुरूप है। सोल ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ पारदर्शी परामर्श जारी रखने की भी बात कही है।

दक्षिण कोरिया की परमाणु-संचालित पनडुब्बी योजना अब केवल रक्षा आधुनिकीकरण का मुद्दा नहीं रह गई है। उत्तर कोरिया इसे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में बदलाव और संभावित परमाणुकरण की दिशा में कदम मान रहा है। एक सूत्र के मुताबिक इससे कोरियाई प्रायद्वीप में उत्तर कोरिया-रूस-चीन के बीच बढ़ते रणनीतिक तनाव का एक और आयाम सामने आया है।

--आईएएनएस

केआर/

Share:

Leave A Reviews

Related News