
दतिया. मध्य प्रदेश की हाई-प्रोफाइल दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए गुरुवार को हो रही वोटिंग के बीच राजनीतिक पारा चढ़ गया है। मतदान केंद्रों पर वोटर्स की कतारों के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बड़े नेताओं के बीच जुबानी तीर चलने शुरू हो गए हैं। दोनों ही दलों ने अपनी-अपनी जीत के बड़े दावे किए हैं।
"कमल का बटन दबाया, विकास के नाम पर होगा मतदान" — नरोत्तम मिश्रा भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने दतिया में अपना वोट डालने के बाद मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा, "हमारा एकमात्र उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी को भारी मतों से विजय दिलाना और दतिया के विकास की रफ्तार को बनाए रखना है। इसी सोच के साथ मैंने 'कमल' के निशान पर मतदान किया है। मुझे पूरा विश्वास है कि जनता विकास के पक्ष में बंपर वोटिंग करेगी।"
जीतू पटवारी और कांग्रेस पर बोला हमला मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) जीतू पटवारी के बयानों का जवाब देते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि चुनाव हारने के बाद आरोप लगाना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "जब-जब कांग्रेस चुनाव हारती है या उसे अपनी हार सामने नजर आती है, वह प्रशासन और भाजपा पर अनर्गल आरोप लगाने लगती है। यह बयानबाजी उनकी हताशा और निराशा को साफ दर्शाती है।"
अपने भावुक होने की खबरों पर सफाई देते हुए भाजपा नेता ने स्पष्ट किया कि वे किसी हार के डर से भावुक नहीं हुए थे, बल्कि अपने कार्यकर्ताओं को लगी चोटों को देखकर उनका दिल भरा था। उन्होंने कहा, "मैंने चुनाव हारा नहीं था, मेरा टिकट बदला गया था, इसलिए हार का तो सवाल ही नहीं उठता।"
कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने लगाए गंभीर आरोप दूसरी ओर, मैदान में उतरे कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने दतिया में अपनी ऐतिहासिक जीत का दावा ठोकते हुए सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप मढ़े। घनश्याम सिंह ने कहा कि बुधवार की रात कई इलाकों में शराब और पैसे बांटे जाने की शिकायतें मिलीं, जिसकी जानकारी तुरंत पुलिस-प्रशासन को दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मतदान प्रक्रिया में अशांति फैलाने का प्रयास कर रही है, लेकिन दतिया की जनता पूरी तरह से बदलाव के मूड में है और कांग्रेस के साथ खड़ी है।
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