
सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक बेहद हृदयविदारक सड़क हादसा सामने आया। सतना-मैहर बाईपास स्थित उतैली मोड़ के पास सुबह करीब 10 बजे एक तेज रफ्तार निजी बस ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में मोटरसाइकिल पर सवार दो सगे भाइयों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान चकदही निवासी विवेक यादव (25 वर्ष) और उसके छोटे भाई विनय यादव (24 वर्ष) के रूप में हुई है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि विवेक यादव की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि विनय गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे रीवा रेफर कर दिया, लेकिन रीवा ले जाते समय रास्ते में उसने भी दम तोड़ दिया। हादसे के तुरंत बाद आरोपी बस चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।
इस हादसे ने हंसते-खेलते दो परिवारों की खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया। मृतक विवेक और विनय की शादी महज 18 दिन पहले, बीते 12 मई को उचेहरा क्षेत्र की रहने वाली दो सगी बहनों से हुई थी। दोनों भाइयों की बारात एक साथ धूमधाम से निकली थी और घर में नई नवेली दुल्हनों के आगमन से उत्सव का माहौल था। लेकिन नियति के इस क्रूर क्रश ने दोनों सगी बहनों का सुहाग एक साथ उजाड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के पैतृक गाँव और उनके ससुराल पक्ष में चीख-पुकार मच गई। जिला अस्पताल की मर्चुरी के बाहर जुटे परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल था, जिससे वहाँ मौजूद हर शख्स की आँखें नम हो गईं।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। दोनों युवकों के शवों को लेकर आक्रोशित लोग शहर के बस स्टैंड पहुंचे और सतना-रीवा मुख्य मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। करीब 45 मिनट तक चले इस प्रदर्शन के कारण मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवियों ने चक्काजाम में फंसी बसों पर पथराव शुरू कर दिया और जबरन बस के भीतर घुसकर तोड़फोड़ की। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और हल्का बल प्रयोग करते हुए हालात पर काबू पाया। पुलिस ने पथराव और तोड़फोड़ करने वाले कुछ उपद्रवियों को मौके से हिरासत में भी लिया।
घटना और हंगामे की सूचना मिलते ही एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया, सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह सहित शहर के तीनों थानों के प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों के बीच जाकर उनसे लंबी चर्चा की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी परिजन संबल योजना के तहत आर्थिक सहायता और तत्काल राहत राशि की मांग कर रहे थे। प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उनकी मांगों पर सहमति जताई और तत्काल राहत के रूप में रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से दोनों मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए 25-25 हजार रुपए (कुल 50 हजार रुपए) की नकद सहायता प्रदान की। इसके साथ ही अधिकारियों ने संबल योजना के अंतर्गत दोनों मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि दिलाने का पुख्ता आश्वासन दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों से मिले आश्वासन और समझाइश के बाद आखिरकार ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने चक्काजाम समाप्त कर दिया। इसके बाद परिजन शवों को अंतिम संस्कार के लिए अपने गृह ग्राम लेकर रवाना हो गए। इधर, पुलिस ने दुर्घटना को अंजाम देने वाली 'अभय ट्रेवल्स' की बस को जब्त कर लिया है और पुलिस मर्चुरी व घटनास्थल की जांच के आधार पर फरार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए मामले की गहनता से जांच की जा रही है और दोषी चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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