Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 'चाइल्ड हेल्पलाइन-1098' बनी संकटग्रस्त बच्चों का सुरक्षा कवच


भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लगभग ढाई साल के कार्यकाल में राज्य सरकार ने महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में संवेदनशीलता और सुशासन (गवर्नेंस) के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में 'चाइल्ड हेल्पलाइन-1098' प्रदेश के संकटग्रस्त, शोषित, पीड़ित और बेसहारा बच्चों के लिए एक बेहद सशक्त और अभेद्य सुरक्षा कवच बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कड़े निर्देशों के पालन में राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 'मिशन वात्सल्य' योजना के अंतर्गत इस हेल्पलाइन को 24 घंटे पूरी मुस्तैदी के साथ संचालित किया जा रहा है। यह हेल्पलाइन प्रदेश में हजारों बच्चों को हिंसा, बाल श्रम और मानव तस्करी के चंगुल से छुड़ाकर उनका पुनर्वास सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित हो रही है।

आंकड़ों में दिखी सफलता: बीते वर्ष 30 हजार से अधिक बच्चों को मिली मदद

इस हेल्पलाइन की व्यापकता और रिस्पॉन्स टाइम (त्वरित कार्रवाई के समय) में अभूतपूर्व सुधार आया है, जिसे महिला एवं बाल विकास विभाग के हालिया आंकड़ों में साफ देखा जा सकता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस हेल्पलाइन के माध्यम से रिकॉर्ड 30 हजार 810 संकटग्रस्त बच्चों तक तत्काल सहायता पहुंचाई गई। वहीं, वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी हेल्पलाइन की टीम पूरी सजगता से कार्य कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप महज़ 15 मई तक ही 4 हजार 376 बच्चों तक त्वरित मदद पहुंचाई जा चुकी है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 2 हजार 367 मामलों का पूरी तरह से वैधानिक निराकरण किया जा चुका है, जबकि शेष बचे मामलों में जिला स्तर पर फॉलो-अप की कार्रवाई युद्ध स्तर पर जारी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की 'जीरो टॉलरेंस' नीति और हाईटेक रिस्पॉन्स सिस्टम

'मिशन वात्सल्य' के अंतर्गत अब इस हेल्पलाइन को पूरी तरह नए स्वरूप में ढालकर अधिक हाईटेक और चुस्त रिस्पॉन्स सिस्टम से लैस किया गया है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत हेल्पलाइन पर आने वाली कॉल्स को उनकी गंभीरता के आधार पर दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया जाता है:

  • आपातकालीन मामले: यदि कोई बच्चा किसी गंभीर या तत्काल शारीरिक/मानसिक खतरे में होता है, तो उस आपातकालीन मामले को बिना एक पल गंवाए 'रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम' (RSS-112) को ट्रांसफर किया जाता है। इसके जरिए गृह विभाग और पुलिस की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर बच्चे को सुरक्षित करती है।

  • गैर-आपातकालीन मामले: ऐसे मामलों को संबंधित जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) को प्रेषित किया जाता है, जहाँ बच्चों की काउंसलिंग और दीर्घकालिक पुनर्वास पर काम होता है।

केवल रेस्क्यू नहीं, नई जिंदगी की शुरुआत

यह हेल्पलाइन संकट में फंसे बच्चों को केवल रेस्क्यू ही नहीं कर रही, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए समुचित सुरक्षा और अधिकार भी दिला रही है। इसके प्रमुख कार्यों में बच्चों को हिंसा और शोषण से बचाना, उनके कानूनी अधिकारों के प्रति सजग करना, विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मानसिक एवं सामाजिक परामर्श उपलब्ध कराना, बाल श्रम से मुक्ति दिलाना और सबसे महत्वपूर्ण—लापता बच्चों को खोजकर उनके परिवारों से दोबारा मिलाना शामिल है। बेघर हुए या मानव तस्करी के चक्रव्यूह में फंसे बच्चों के लिए यह हेल्पलाइन एक नई जिंदगी की धूप बनकर सामने आई है।

इन प्रमुख शहरों में दिखा सबसे व्यापक असर

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और सतना जैसे बड़े व घने आबादी वाले जिलों में चाइल्ड हेल्पलाइन का नेटवर्क सबसे ज्यादा सक्रिय और प्रभावी रहा है। इन जिलों में बड़ी संख्या में बच्चों को विषम परिस्थितियों से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्पष्ट मानना है कि सरकार का उद्देश्य केवल आपातकालीन सहायता देना नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के हर बच्चे के मूल अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित कर उन्हें भयमुक्त वातावरण देना है।

आम जनता से अपील: महिला एवं बाल विकास विभाग ने मध्य प्रदेश के सभी जागरूक नागरिकों, प्रबुद्ध वर्ग, युवाओं और ग्रामीणों से अपील की है कि वे सूबे के बच्चों के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करें। यदि प्रदेश के किसी भी कोने में कोई बच्चा संकट में, बाल विवाह का शिकार, बाल श्रम करता हुआ या किसी भी प्रकार के शोषण से पीड़ित दिखाई दे, तो मूकदर्शक न बनें। राज्य सरकार की 'चाइल्ड हेल्पलाइन-1098' पर तुरंत इसकी गोपनीय सूचना दें, ताकि समय रहते हर मासूम का भविष्य सुरक्षित और खुशहाल बनाया जा सके।

Share:

Leave A Reviews

Related News