
देवास जिले में पटवारियों पर हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई, निलंबन और सेवा समाप्ति के विरोध में बुधवार को करीब 2000 पटवारियों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया। स्वस्तिक गार्डन से विशाल रैली निकालते हुए पटवारी दोपहर में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। कलेक्टर के उपस्थित न होने पर आक्रोशित पटवारी मुख्य गेट पर ही धरने पर बैठ गए और दोपहर से लेकर रात 10.30 बजे तक करीब 8.5 घंटे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
प्रदर्शन के दौरान पटवारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शाम ढलने के बाद भी जब प्रशासनिक स्तर पर कोई वार्ता नहीं हुई, तो आंदोलनकारियों ने अनूठे तरीके से विरोध दर्ज कराते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में भजन-कीर्तन शुरू कर दिया और सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। रात 10.30 बजे वरिष्ठ पदाधिकारियों के आह्वान पर दिनभर का धरना समाप्त घोषित हुआ।
पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष मोहन राठौर ने बताया कि मुख्य आक्रोश देवास जिले के तीन परिवीक्षाधीन (प्रोबेशनरी) पटवारियों की सेवाएं समाप्त करने और प्रदेश के अन्य जिलों में की गई दंडात्मक कार्रवाइयों को लेकर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले के 350 से अधिक पटवारी 9 अक्टूबर तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इस दौरान नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और गिरदावरी जैसे सभी मैदानी काम ठप रहेंगे। साथ ही पटवारी ऑनलाइन शासकीय कार्य भी नहीं करेंगे।
पटवारियों के इस सामूहिक अवकाश पर चले जाने से आम जनता से जुड़े राजस्व संबंधी कामकाज बुरी तरह प्रभावित होने की संभावना है। संघ पदाधिकारियों के मुताबिक गुरुवार को राजधानी भोपाल में मध्य प्रदेश पटवारी संघ की राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में प्रदेशव्यापी स्तर पर आगामी आंदोलन की रूपरेखा और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
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