
धार. मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक भोजशाला परिसर से जुड़े परिसर और नमाज स्थल को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। देर रात जिला प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच लंबी चर्चा के बाद मुस्लिम पक्ष भोजशाला के पीछे निर्धारित स्थान पर नमाज अदा करने के लिए सहमत हो गया। हालांकि, इस सहमति के बीच एक नया भूमि विवाद खड़ा हो गया है, जिससे क्षेत्र में प्रशासनिक सतर्कता और पुलिस बल बढ़ा दिया गया है।
प्रशासन द्वारा नमाज के लिए तय किए गए स्थान को लेकर स्थानीय हिंदू समाज के लोगों ने देर रात कड़ा विरोध दर्ज कराया। रहवासियों का कहना है कि जिस जमीन पर नमाज की व्यवस्था की जा रही है, वह उनकी निजी कृषि भूमि है। उनका स्पष्ट तर्क है कि किसी की व्यक्तिगत जमीन पर धार्मिक आयोजन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। विरोध स्वरूप स्थानीय निवासी उस स्थान के आसपास एकत्रित हो गए, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी के सदर अब्दुल समद ने बताया कि प्रशासन सुबह 11 बजे उन्हें प्रस्तावित नमाज स्थल की स्थिति दिखाएगा। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही बारिश के कारण जमीन गीली और कीचड़युक्त है। स्थल की वास्तविक स्थिति देखने और प्रशासनिक इंतजामों का जायजा लेने के बाद ही मुस्लिम पक्ष दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज अदा करने को लेकर अंतिम रुख स्पष्ट करेगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नजर: अब्दुल समद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला उनके पक्ष में आया है और वे अब 5 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई की तैयारियों में जुटे हैं।
प्रशासनिक और पुलिस अमला दोनों पक्षों के बीच शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार गश्त कर रहा है। वर्षा के कारण गीली हुई जमीन को सुखाने और नमाज योग्य बनाने का काम भी प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। इसके साथ ही दोनों पक्षों के आवागमन के लिए अलग-अलग रास्ते तय किए जा रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार के टकराव से बचा जा सके। फिलहाल पूरे धार शहर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है।
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