
धार/पीथमपुर. मध्य प्रदेश के धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील, दर्दनाक और मानवता को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक कलयुगी पड़ोसी ने इंसानियत की सारी हदें पार करते हुए अपने ही पड़ोस में रहने वाली एक दिव्यांग (मूक-बधिर) नाबालिग किशोरी को हवस का शिकार बनाया। आरोपी ने पीड़िता की बेबसी का फायदा उठाकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म (Shattering Crime) किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। पीड़िता के शारीरिक बदलावों को देखकर जब माता-पिता ने इशारों में पूछताछ की, तब इस खौफनाक हकीकत का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित किशोरी बोल और सुन नहीं सकती है। पड़ोसी होने के नाते उसका आरोपी के घर पर सामान्य आना-जाना था। आरोपी युवक ने किशोरी की इसी दिव्यांगता और मासूमियत का फायदा उठाया। उसने घर में अकेले पाकर किशोरी के साथ कई बार जबरन गलत काम किया और किसी को न बताने के लिए डराया-धमकाया। मूक-बधिर होने के कारण पीड़िता अपनी आपबीती किसी से साझा नहीं कर सकी, जिससे आरोपी के हौसले और बढ़ गए।
इस घिनौने कृत्य का खुलासा बीती 3 जून को हुआ। पिता ने अपनी बेटी का पेट असामान्य रूप से बढ़ा हुआ देखा, जिससे परिजनों को किसी अनहोनी की शंका हुई।
परिजनों द्वारा पूछताछ: जब माता-पिता ने अनहोनी की आशंका के चलते बेटी को पास बिठाकर इशारों में उससे बात करने की कोशिश की, तो पीड़िता फूट-फूटकर रोने लगी। इसके बाद उसने रोते हुए इशारों-इशारों में अपने साथ हुई पूरी दरिंदगी की दास्तान बयां की। सच जानने के लिए जब पिता ने उसे संदेह के आधार पर पड़ोसी युवक की फोटो दिखाई, तो पीड़ित किशोरी ने तुरंत उसकी पहचान कर ली।
शुरुआत में पीड़ित परिवार सामाजिक बदनामी, लोक-लाज और आरोपी के खौफ के कारण पूरी तरह शांत रहा। वे गहरे सदमे में थे, लेकिन बाद में न्याय की खातिर हिम्मत जुटाकर 11 जून को परिजनों ने पीथमपुर थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पीथमपुर थाना पुलिस ने पीड़िता के नाबालिग और दिव्यांग होने के कारण मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी को घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की दुष्कर्म से जुड़ी संगीन धाराओं और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) सहित दिव्यांग जन अधिकार अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
थाना प्रभारी के मुताबिक, वर्तमान में पीड़िता का शासकीय अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और उसे उचित काउंसलिंग दी जा रही है। चूंकि पीड़िता बोल और सुन नहीं सकती, इसलिए कोर्ट और पुलिस के सामने उसका सटीक और कानूनी रूप से मजबूत बयान दर्ज कराने के लिए साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट (सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ) की मदद ली जा रही है, ताकि केस को पुख्ता बनाकर आरोपी को अदालत से सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
Leave A Reviews