
मैहर. मध्य प्रदेश की पवित्र और प्रसिद्ध धार्मिक नगरी मैहर (Maihar) से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। मां शारदा देवी मंदिर प्रबंधन समिति ने मंदिर परिसर को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए एक युगांतकारी निर्णय लिया है। समिति द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, आगामी 1 जुलाई 2026 से संपूर्ण मंदिर और मेला परिक्षेत्र को पूरी तरह से 'पॉलिथीन मुक्त क्षेत्र' (Polythene-Free Zone) घोषित कर दिया गया है। मंदिर प्रशासन ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
मां शारदा देवी के दर्शन के लिए मैहर में हर साल देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इतनी बड़ी तादाद में आने वाले भक्तों द्वारा अनजाने में उपयोग की जाने वाली पॉलिथीन और प्लास्टिक थैलियों के कारण पूरे पहाड़ी और मैदानी मंदिर परिसर में गंदगी फैल रही थी। प्लास्टिक कचरे के जमा होने से न सिर्फ परिसर की सुंदरता प्रभावित हो रही थी, बल्कि वहां के स्थानीय पर्यावरण और वन्यजीवों को भी भारी नुकसान पहुंच रहा था। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति ने इस बार प्लास्टिक और पॉलिथीन के उपयोग को जड़ से खत्म करने का दृढ़ संकल्प लिया है।
मंदिर प्रशासक दिव्या पटेल द्वारा जारी किए गए पत्र और निर्देशों के अनुसार, 1 जुलाई 2026 से मंदिर एवं उसके आसपास के पूरे मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार की पॉलिथीन थैली, प्लास्टिक कैरी बैग या अन्य किसी भी सिंगल-यूज प्लास्टिक सामग्री का उपयोग, भंडारण (Storage) और वितरण (Distribution) पूरी तरह से गैर-कानूनी और प्रतिबंधित रहेगा।
यह कड़ा नियम केवल बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं पर ही नहीं, बल्कि मंदिर क्षेत्र के सभी छोटे-बड़े स्थानीय दुकानदारों, फूल-प्रसाद विक्रेताओं और व्यापारियों पर भी समान रूप से लागू होगा।
प्रशासन ने इस आदेश को जमीन पर प्रभावी बनाने के लिए दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान किया है। मंदिर प्रशासक ने साफ किया है कि 1 जुलाई के बाद यदि कोई भी श्रद्धालु या दुकानदार परिसर के भीतर पॉलिथीन का इस्तेमाल या ले जाते हुए पाया गया, तो उस पर 500 रुपये का ऑन-द-स्पॉट (मौके पर) अर्थदंड लगाया जाएगा।
इसके साथ ही, प्रशासन ने सभी दुकानदारों और व्यवसायियों को सख्त हिदायत दी है कि वे प्लास्टिक की जगह कपड़े के झोले, जूट के बैग या कागज के लिफाफों जैसे पर्यावरण-अनुकूल (Eco-Friendly) विकल्पों को तुरंत अपनाएं।
मामले पर विस्तृत जानकारी देते हुए मंदिर प्रशासक दिव्या पटेल ने कहा:
"आगामी 1 जुलाई से मां शारदा मंदिर परिसर में प्लास्टिक और पॉलिथीन का इस्तेमाल स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। हम सभी नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील करते हैं कि वे इस पावन अभियान में अपनी जनभागीदारी निभाएं और मैहर धाम को स्वच्छ रखने में अपना सहयोग दें।"
प्रबंधन का मानना है कि इस सकारात्मक और कड़े कदम से न केवल पवित्र त्रिकूट पर्वत और शारदा मंदिर क्षेत्र की पवित्रता और स्वच्छता बढ़ेगी, बल्कि यह पूरे देश के धार्मिक स्थलों के लिए पर्यावरण संरक्षण का एक बेहतरीन उदाहरण भी बनेगा।
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