नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने 'ईज ऑफ लिविंग' बनाने के उद्देश्य से दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को 'सिंगल विंडो ऑनलाइन बिल्डिंग परमिट सिस्टम' (ओबीपीएस) के तहत सिंगल विंडो मंजूरी प्रणाली शुरू करने के लिए प्रेरित किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
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नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने 'ईज ऑफ लिविंग' बनाने के उद्देश्य से दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को 'सिंगल विंडो ऑनलाइन बिल्डिंग परमिट सिस्टम' (ओबीपीएस) के तहत सिंगल विंडो मंजूरी प्रणाली शुरू करने के लिए प्रेरित किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
डीडीए द्वारा शुरू की गई यह नई सुविधा भवन निर्माण की मंजूरी को तेज, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाएगी और पिछली प्रक्रियाओं में उल्लेखनीय सुधार लाएगी, जो अक्सर अनावश्यक लालफीताशाही, जनता को परेशान करने और भ्रष्टाचार की शिकायतों का कारण बनती थीं।
उपराज्यपाल ने एकल खिड़की (सिंगल विंडो) ओबीपीएस शुरू करने के निर्देश जारी करते समय पहले भी इन मुद्दों को उठाया था।
बयान में कहा गया है कि नई प्रणाली नागरिकों, मकान मालिकों, वास्तुकारों और डेवलपर्स को भवन निर्माण की अनुमतियों और संबंधित स्वीकृतियों की प्रक्रिया के लिए एक सुगम, एकीकृत इंटरफेस प्रदान करेगी।
यह प्रणाली एक ही विंडो के माध्यम से भवन योजनाओं, दस्तावेजों और कई अनापत्ति प्रमाण पत्रों (एनओसी) को ऑनलाइन जमा करने में सक्षम बनाती है, जिससे प्रक्रियात्मक जटिलता कम होती है और डीडीए कार्यालयों में बार-बार जाने की आवश्यकता कम हो जाती है।
बयान में यह भी कहा गया है कि इससे आवेदक वास्तविक समय में आवेदन की स्थिति का पता लगा सकेंगे, ऑनलाइन शुल्क भुगतान कर सकेंगे और डीडीए कार्यालयों में बार-बार जाए बिना डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित स्वीकृतियां प्राप्त कर सकेंगे।
यह प्रणाली एआई-संचालित योजना जांच, स्वचालित अनुपालन जांच, भौगोलिक रूप से चिह्नित मोबाइल निरीक्षण और तत्काल एसएमएस और ईमेल सूचनाओं को एकीकृत करती है।
इस पहल से भवन निर्माण की मंजूरी प्रक्रिया में मैन्युअल हस्तक्षेप, प्रक्रियात्मक देरी और परिचालन त्रुटियों में काफी कमी आने की उम्मीद है, साथ ही जवाबदेही, दक्षता और सटीकता में सुधार होगा।
यह पहल प्रौद्योगिकी-आधारित शासन सुधारों और सुव्यवस्थित सार्वजनिक सेवा वितरण तंत्रों के माध्यम से दिल्ली के शहरी नियोजन और विकास ढांचे के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
--आईएएनएस
एमएस/
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