नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। रक्षा मंत्रालय का रक्षा उत्पादन विभाग एक बड़ा आयोजन करने जा रहा है। इस आयोजन को ‘नेशनल डिफेंस इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव 2026’ नाम दिया गया है। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य स्वदेशी रक्षा उपकरण के निर्माण को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम दिल्ली में 19 और 20 मार्च को मानेकशॉ सेंटर में आयोजित होगा।
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नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। रक्षा मंत्रालय का रक्षा उत्पादन विभाग एक बड़ा आयोजन करने जा रहा है। इस आयोजन को ‘नेशनल डिफेंस इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव 2026’ नाम दिया गया है। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य स्वदेशी रक्षा उपकरण के निर्माण को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम दिल्ली में 19 और 20 मार्च को मानेकशॉ सेंटर में आयोजित होगा।
यह कॉन्क्लेव रक्षा उपकरणों को भारत में बनाने के लिए मजबूत तंत्र स्थापित करने में मदद करेगा। खास तौर पर छोटे और मध्यम उद्योगों यानी एमएसएमई को इस सेक्टर से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है ताकि वे भी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में हिस्सा ले सकें।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह कार्यक्रम दिल्ली में 19 और 20 मार्च को मानेकशॉ सेंटर में होगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस बार का फोकस नई और एडवांस टेक्नोलॉजी पर है। इस थीम भी ‘एडवांस मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजीस’ है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, 3डी प्रिंटिंग (एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग) और स्मार्ट मैटेरियल्स।
दरअसल, सरकार चाहती है कि भारत की डिफेंस इंडस्ट्री अब पुराने तरीके से नहीं, बल्कि हाई-टेक व स्वदेशी तकनीक से आगे बढ़े। इस कार्यक्रम में सिर्फ सरकारी अधिकारी ही नहीं, बल्कि प्राइवेट कंपनियां, डिफेंस पीएसयू, स्टार्टअप्स, वैज्ञानिक, टेक एक्सपर्ट और उच्च शिक्षण संस्थानों व यूनिवर्सिटीज से जुड़े शिक्षाविद व विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
इस दौरान मंथन होगा कि भारत कैसे जल्द रक्षा क्षेत्र में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बन सकता है और दुनिया में अपनी पकड़ मजबूत कर सकता है। यहां एक बड़ी प्रदर्शनी भी लगेगी, जिसमें भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अपनी नई तकनीक और प्रोडक्ट्स दिखाएंगी।
इसके अलावा, स्टार्टअप्स और एमएसएमई के लिए कुछ नए चैलेंज भी लॉन्च किए जाएंगे, ताकि वे डिफेंस सेक्टर के लिए नए आइडिया और समाधान लेकर आएं। यह कॉन्क्लेव एक ऐसा मंच है जहां सरकार, उद्योग और तकनीकी विशेषज्ञ एक साथ आकर यह विमर्श करेंगे कि आने वाले समय में भारत की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को कैसे और तेज, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाया जाए।
--आईएएनएस
जीसीबी/एएसएच
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