नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना प्रमुख के रूप में एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने 31 मई को कार्यभार ग्रहण कर लिया। नौसेना प्रमुख का पद संभालने के बाद उन्हें साउथ ब्लॉक परिसर में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इसके साथ ही वे भारतीय नौसेना के 27वें नौसेना प्रमुख बने।
![]()
नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना प्रमुख के रूप में एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने 31 मई को कार्यभार ग्रहण कर लिया। नौसेना प्रमुख का पद संभालने के बाद उन्हें साउथ ब्लॉक परिसर में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इसके साथ ही वे भारतीय नौसेना के 27वें नौसेना प्रमुख बने।
वहीं निवर्तमान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, 31 मई को सेवा से सेवानिवृत्त हो गए। एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को 01 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त हुआ था। वह संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली के विशेषज्ञ हैं। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला, यूनाइटेड किंगडम स्थित जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, श्रिवेनहम करंजा स्थित कॉलेज ऑफ नेवल वॉरफेयर व संयुक्त राज्य अमेरिका के रोड आइलैंड स्थित न्यूपोर्ट नेवल वॉर कॉलेज के पूर्व छात्र हैं।
रविवार को कार्यभार संभालने के बाद एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने कहा कि वे विनम्रता, गर्व, जिम्मेदारी और कृतज्ञता की भावना के साथ यह दायित्व ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा इस पद के लिए चुना जाना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान और सौभाग्य है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारतीय नौसेना राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर समय सतर्क और तैयार रहेगी। नए नौसेना प्रमुख ने कहा कि वर्तमान क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य लगातार चुनौतीपूर्ण, जटिल और अनिश्चित बना हुआ है। ऐसे समय में उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता भारतीय नौसेना की परिचालन तत्परता और युद्धक क्षमता को सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखना होगी, ताकि देश की सुरक्षा और आर्थिक हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा की जा सके।
उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना पहले से ही क्षमता विस्तार और आधुनिकीकरण के एक मजबूत मार्ग पर अग्रसर है। उनका प्रयास होगा कि चल रही सभी परियोजनाओं को गति मिले, आवश्यकतानुसार उनका विस्तार किया जाए तथा उभरती और अत्याधुनिक तकनीकों को शीघ्र शामिल कर नौसेना की परिचालन क्षमताओं को और अधिक मजबूत बनाया जाए। एडमिरल स्वामीनाथन ने संयुक्त सैन्य संचालन, आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण को भारतीय नौसेना की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए स्वदेशी तकनीकों, उपकरणों और प्लेटफॉर्मों के विकास तथा उपयोग को और अधिक प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने नौसेना के अधिकारियों, नाविकों और महिला कर्मियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय नौसेना के जवान दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पेशेवरों में शामिल हैं। उनके कल्याण, पेशेवर विकास, व्यक्तिगत उन्नति और बेहतर कार्य वातावरण को सुनिश्चित करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में रहेगा। नए नौसेना प्रमुख ने अपने संबोधन में निवर्तमान प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी के योगदान को भी याद किया।
उन्होंने कहा कि एडमिरल त्रिपाठी ने अत्यंत सफल और दूरदर्शी नेतृत्व प्रदान किया तथा अपने कार्यकाल में नौसेना को नई दिशा दी। भारतीय नौसेना उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सदैव आभारी रहेगी। अपने भविष्य के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने कहा कि वे अपने कार्यकाल का प्रत्येक दिन भारतीय नौसेना को और अधिक मजबूत, सक्षम, आधुनिक और प्रभावशाली बनाने के लिए समर्पित करेंगे, ताकि नौसेना राष्ट्रीय सुरक्षा, राष्ट्रीय विकास और देश की आर्थिक समृद्धि में और अधिक प्रभावी योगदान दे सके।
परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक तथा विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने अपने नौसैनिक करियर में अनेक महत्वपूर्ण परिचालन, स्टाफ तथा प्रशिक्षण संबंधी दायित्वों का निर्वहन किया है। इनमें मिसाइल पोत आईएनएस विद्युत और आईएनएस विनाश, मिसाइल कॉर्वेट आईएनएस कुलिश, निर्देशित मिसाइल विध्वंसक आईएनएस मैसूर, तथा विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य की कमान शामिल है।
--आईएएनएस
जीसीबी/एएस
Leave A Reviews