
अनूपपुर: मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में जंगली हाथियों की मौजूदगी ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। चार हाथियों के अलग-अलग गुटों ने रिहाइशी इलाकों और खेतों में घुसकर जमकर उत्पात मचाया है। जहाँ एक ओर तीन हाथियों का दल जैतहरी क्षेत्र में सक्रिय है, वहीं एक अकेले हाथी द्वारा किए गए हमले में एक परिवार बाल-बाल बचा है। वर्तमान में एक हाथी की लोकेशन न मिलने से वन विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है।
जैतहरी पहुँचा तीन हाथियों का दल राजेंद्रग्राम इलाके में पिछले 10 दिनों से डेरा जमाए तीन हाथियों का दल अब जैतहरी पहुँच गया है। शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात इन हाथियों ने बेनीबारी बीट से निकलकर कोहका, बम्हनी और धर्मदास जैसे गाँवों में लंबा सफर तय किया। इस दौरान आमाटोला और डोकराटोला में किसानों की लहलहाती फसलों को हाथियों ने पैरों तले रौंद दिया। सोमवार सुबह यह दल जैतहरी के गोबरी जंगल में देखा गया है, जहाँ वे फिलहाल विश्राम कर रहे हैं।
घर ढहाया, अनाज चट किया: समयलाल का परिवार सुरक्षित एक अन्य घटना जिला मुख्यालय के पास पोंड़ी और भोलगढ़ बीट की है। यहाँ एक अकेले हाथी ने चटुआ गाँव में भारी तबाही मचाई। शनिवार की रात इस हाथी ने समयलाल पाव के कच्चे घर की दीवारें तोड़ दीं और घर के अंदर रखा अनाज खा गया। गनीमत रही कि समयलाल और उसका परिवार समय रहते घर से बाहर निकल आया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। यह हाथी इससे पहले बघमंडा और बरबसपुर में भी नुकसान पहुँचा चुका है।
एक हाथी लापता, विभाग की बढ़ी चिंता वन विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती रविवार सुबह से 'लापता' एक हाथी बना हुआ है। इस अकेले हाथी की लोकेशन नहीं मिल पाने के कारण पोंड़ी और भोलगढ़ के जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। जैतहरी और अमरकंटक के रेंजर अपनी टीमों के साथ रात भर गश्त कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उसका सुराग नहीं मिला है।
ग्रामीणों के लिए हाई अलर्ट जारी हाथियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी है। विभाग ने कहा है कि ग्रामीण अकेले जंगल की ओर न जाएं और हाथियों को देखने के लिए भीड़ न जुटाएं। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे रात के समय विशेष सावधानी बरतें और मशाल या रोशनी का प्रबंध रखें।
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