
पन्ना: पन्ना जिला जेल के मुख्य द्वार से शनिवार शाम एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शाहनगर पुलिस की अभिरक्षा से एक शातिर चोर पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। आरोपी वीरू उर्फ वीरेंद्र चौबे, जिस पर डॉक्टर मीना नामदेव के घर सहित कई जिलों में चोरी के गंभीर मामले दर्ज हैं, जेल की दहलीज पर पहुँचने के बाद भी भागने में सफल रहा। इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हथकड़ी खोलकर अंधेरे में हुआ गायब: जानकारी के अनुसार, शाहनगर पुलिस आरोपी वीरेंद्र चौबे की रिमांड अवधि खत्म होने के बाद उसे वापस जेल छोड़ने आई थी। शनिवार शाम करीब 7:30 बजे जैसे ही पुलिस का वाहन जेल के मुख्य गेट पर रुका, आरोपी ने बड़ी चतुराई से अपने हाथ की हथकड़ी खोल ली। इससे पहले कि साथ मौजूद पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते, वीरेंद्र जेल के अंदर जाने के बजाय बाहर की ओर दौड़ पड़ा और अंधेरे का फायदा उठाकर गायब हो गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल: जेल जैसे अत्यधिक सुरक्षित इलाके के गेट से एक अपराधी का भाग जाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा धब्बा माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर एक अपराधी ने इतनी आसानी से हथकड़ी कैसे खोल ली? क्या यह पुलिस बल की घोर लापरवाही थी या अपराधी ने पहले से ही भागने की योजना बना रखी थी?
पुलिस की कार्रवाई और नाकाबंदी: पन्ना कोतवाली टीआई रोहित मिश्रा ने बताया कि आरोपी की फरारी के बाद उसके खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 262 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। घटना के तुरंत बाद जिले भर में अलर्ट जारी कर नाकाबंदी कर दी गई है। रविवार 12 अप्रैल की देर रात तक पुलिस की अलग-अलग टीमें संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी करती रहीं, लेकिन शातिर चोर का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।
पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
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