
अनूपपुर जिले और छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) के सीमावर्ती इलाकों में जंगली हाथियों की सक्रियता से दहशत का माहौल बना हुआ है। अनूपपुर के जैतहरी क्षेत्र में पिछले 10 दिनों से 2 हाथी लगातार विचरण कर रहे हैं। ये हाथी मोजर बियर प्लांट की बाउंड्री पार कर गुवारी और अमगवां गांव के रास्ते छुलहनी के जंगल में पहुंच गए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ के मरवाही क्षेत्र में एक आक्रामक नर हाथी घूम रहा है, जिसके लोगों के पीछे दौड़ने और घरों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में अनूपपुर में हाथियों का उत्पात ग्रामीणों और किसानों के लिए भारी संकट बन गया है।
20 मकान क्षतिग्रस्त और फसलें बर्बाद: हाथियों की लगातार आवाजाही से अब तक 20 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा है और 50 से ज्यादा किसानों की फसलें नष्ट हो चुकी हैं। वन विभाग के अनुसार हाथी रेलवे लाइन और तिपान नदी पार कर आसपास के रिहायशी गांवों की ओर बढ़ सकते हैं। दोनों राज्यों की वन विभाग की गश्ती टीमें लगातार हाथियों के मूवमेंट पर नजर रख रही हैं। वन अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, हाथियों से छेड़खानी न करने और जानकारी मिलते ही गश्ती दल को सूचित करने की अपील की है।
15 दिन में मुआवजा देने का आश्वासन: हाथियों द्वारा किए गए नुकसान को लेकर प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम चोई में चौपाल का आयोजन किया। जैतहरी एसडीएम कमलेश पुरी, वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक मिश्रा और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि राजस्व व वन अमले द्वारा नुकसान का भौतिक सत्यापन कर सभी पात्र हितग्राहियों को 15 दिन के भीतर राहत राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
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