
नई दिल्ली. शेयर बाजार की अस्थिरता और वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच, अपनी जमा पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizens) एक बार फिर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ओर रुख कर रहे हैं। साल 2026 में रिटायरमेंट के बाद नियमित आय और पूंजी की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले बुजुर्गों के लिए बैंकों ने अपनी तिजोरियां खोल दी हैं। वर्तमान में कई बैंक सीनियर सिटीजन को आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं।
बैंकिंग नियमों के अनुसार, सीनियर सिटीजन को सामान्य ग्राहकों की तुलना में आमतौर पर 0.50% (50 बेसिस पॉइंट्स) अधिक ब्याज दिया जाता है। यह अतिरिक्त ब्याज दर उनकी वित्तीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर दी जाती है। ब्याज की ये दरें सीधे तौर पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीतियों और बैंकों की नकदी की स्थिति पर निर्भर करती हैं।
1. सरकारी बैंक (Public Sector Banks): सुरक्षा के लिहाज से पहली पसंद माने जाने वाले सरकारी बैंकों में दरें 7% के आसपास स्थिर हैं।
PNB, यूनियन बैंक और केनरा बैंक: 444 और 555 दिनों की विशेष अवधि के लिए 7.10% तक ब्याज दे रहे हैं।
SBI और बैंक ऑफ बड़ौदा: लंबी अवधि (5 से 10 साल) के लिए 7.00% से 7.05% का रिटर्न ऑफर कर रहे हैं।
2. प्राइवेट बैंक (Private Banks): प्राइवेट बैंकों में रिटर्न सरकारी बैंकों की तुलना में थोड़ा बेहतर है।
इंडसइंड बैंक: 18 महीने की अवधि के लिए 7.50% के साथ सबसे ऊपर है।
कोटक महिंद्रा बैंक: 7.30% तक ब्याज दे रहा है।
ICICI और HDFC बैंक: यहाँ दरें 7.00% से 7.10% के बीच बनी हुई हैं।
अगर आप अधिकतम मुनाफा चाहते हैं, तो स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे बेहतरीन विकल्प बनकर उभरे हैं। यहाँ निवेश पर 8.5% तक का भारी भरकम ब्याज मिल रहा है।
ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक: 501 दिनों की एफडी पर 8.50% ब्याज दे रहा है।
अन्य बैंक: सूर्योदय, शिवालिक, इक्विटास और जना स्मॉल फाइनेंस बैंक भी 8.00% से 8.30% तक ब्याज दे रहे हैं।
हालांकि स्मॉल फाइनेंस बैंकों में रिटर्न ज्यादा है, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि बड़े कमर्शियल बैंकों की तुलना में इनमें जोखिम का स्तर थोड़ा अलग होता है। हालांकि, 'डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन' (DICGC) के तहत 5 लाख रुपये तक की जमा राशि पूरी तरह सुरक्षित और बीमित होती है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि सीनियर सिटीजन को अपनी कुल पूंजी को एक ही जगह लगाने के बजाय अलग-अलग बैंकों और अलग-अलग अवधि (Laddering) में निवेश करना चाहिए ताकि लिक्विडिटी बनी रहे।
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