
नरसिंहपुर जिले के लोक सेवा केंद्रों में आम नागरिकों को पारदर्शी, त्वरित और सुगम सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। करेली स्थित लोक सेवा केंद्र के औचक निरीक्षण के दौरान सामने आईं गंभीर अनियमितताओं और अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन को लेकर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने सख्त कार्रवाई की है। केंद्र संचालक पर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 25 हजार रुपये की शास्ति (अर्थदंड) अधिरोपित की गई है।
उल्लेखनीय है कि 18 सितंबर 2026 को आयोजित जनविश्वास शिविर के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने लोक सेवा केंद्र करेली का आकस्मिक निरीक्षण किया था। इस दौरान केंद्र के संचालन, नागरिक सुविधाओं और कर्मचारियों की उपस्थिति में कई गंभीर कमियां उजागर हुई थीं। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया था।
संचालक द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण और विभागीय जांच के सूक्ष्म परीक्षण के बाद कई गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि हुई। जांच में पाया गया कि केंद्र पर एक आवेदक से जाति प्रमाण पत्र जारी करने की आड़ में 300 रुपये की अनाधिकृत और अतिरिक्त राशि वसूली गई थी।
इसके अलावा, केंद्र के कर्मचारियों द्वारा शासन द्वारा निर्धारित ड्रेस कोड एवं यूनिफॉर्म का पालन नहीं किया जा रहा था। साथ ही, नागरिकों को बिना देरी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र पर आवश्यक और पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता भी सुनिश्चित नहीं पाई गई थी।
इन सभी विसंगतियों को अनुबंध की शर्तों का खुला उल्लंघन मानते हुए जिला प्रशासन ने केंद्र संचालक पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, संचालक को जुर्माने की यह राशि 7 कार्यदिवसों के भीतर जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी, नरसिंहपुर के खाते में जमा करानी होगी। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में अनुबंध की समस्त शर्तों, निर्धारित दरों और कार्यप्रणाली का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए; दोबारा लापरवाही पाए जाने पर केंद्र का अनुबंध समाप्त करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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