
छतरपुर जिले में नशे के सौदागरों और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सिविल लाइन थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कदारी फोरलेन मार्ग पर देर रात घेराबंदी करते हुए एक लावारिस हालत में खड़ी नई टाटा नेक्सॉन कार से करीब 20 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त किए गए इस गांजे की अनुमानित कीमत करीब ₹10 लाख आंकी जा रही है। हालांकि, पुलिस की नाकाबंदी देखकर तस्कर वाहन को मौके पर ही छोड़कर भागने में सफल रहे। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष श्रोतिया के नेतृत्व में की गई। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात को मुखबिर तंत्र और गश्ती दल के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि कदारी फोरलेन मार्ग से एक लग्जरी कार में अवैध मादक पदार्थ की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस ने बिना वक्त गंवाए कदारी के पास फोरलेन मार्ग पर तड़के सुबह नाकाबंदी (नाकेबंदी) कर दी और संदिग्ध वाहनों की सघन चेकिंग शुरू की।
सड़क किनारे जब पुलिस टीम ने तलाशी अभियान आगे बढ़ाया, तो उन्हें कदारी फोरलेन के पास एक नई टाटा नेक्सॉन कार संदिग्ध और लावारिस हालत में खड़ी मिली। पुलिस ने जब कार के आसपास देखा तो कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था। संदेह गहराने पर जब पुलिस टीम ने वाहन का दरवाजा खोलकर उसकी डिक्की और सीटों की तलाशी ली, तो उसमें खाकी रंग के टेप से लिपटे हुए कई पैकेट मिले। इन पैकेट्स को खोलने पर कुल 20 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता का गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही ₹10 लाख मूल्य का गांजा और तस्करी में प्रयुक्त हो रही कार को जब्त कर लिया।
इस मामले में सबसे बड़ा सुराग कार की नंबर प्लेट है। जब्त की गई टाटा नेक्सॉन कार पर ओडिशा राज्य का रजिस्ट्रेशन नंबर (OD 30 AE 4778) दर्ज है। पुलिस को आशंका है कि अंतर-राज्यीय ड्रग माफिया का नेटवर्क उड़ीसा से गांजे की इस बड़ी खेप को बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में खपाने के लिए ला रहा था। पुलिस की सख्त नाकाबंदी को देखकर पकड़े जाने के डर से तस्कर कार को चालू या लावारिस छोड़कर घने अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों के रास्ते भाग निकले।
सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात कार सवार तस्करों के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) की गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि फरार आरोपियों के चेहरे और रूट मैप का पता लगाने के लिए कदारी फोरलेन, टोल प्लाजा और आसपास के ढाबों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इसके साथ ही साइबर सेल की मदद से ओडिशा के परिवहन विभाग से संपर्क कर कार के असली मालिक के नाम और पते की तस्दीक की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को दबोचकर इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया जाएगा।
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