
सीधी जिले से एक और बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। अमिलिया थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर दुर्घटना के बाद अब सिहावल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध केतकिन घाट पर गुरुवार सुबह सोन नदी में नहाने गए दो युवक अचानक गहरे पानी में लापता हो गए। आशंका जताई जा रही है कि नदी का बहाव तेज होने और गहराई का अंदाजा न मिलने के कारण दोनों युवक नदी में डूब गए हैं। इसके बाद से पूरे गांव और आसपास के ग्रामीण अंचल में मातम और चिंता का माहौल है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक बुधवार रात को ही क्षेत्र में आयोजित एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने आए हुए थे।
इस पूरी घटना के चश्मदीद और दोनों युवकों के दोस्त प्रिंस साकेत ने बताया कि वह गुरुवार सुबह राजा साकेत और संजय साकेत के साथ केतकिन घाट पर सोन नदी में नहाने के लिए गया था। नहाते-नहाते अचानक राजा और संजय के मन में तैरकर नदी पार करने का विचार आया और दोनों आगे बढ़ गए। लेकिन जैसे ही वे नदी के बीचों-बीच मुख्य धारा के पास पहुंचे, पानी का जलस्तर और गहराई अचानक बढ़ गई। दोनों खुद को संभाल नहीं पाए और तेज बहाव के कारण गहरे पानी में समाने लगे और डूबते हुए मदद के लिए चिल्लाने लगे।
चश्मदीद प्रिंस साकेत ने बताया कि जब उसके दोनों दोस्त नदी के बीच में डूब रहे थे, तो उन्होंने बचाने के लिए आवाज भी लगाई थी। लेकिन प्रिंस को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वह बेबस होकर किनारे पर खड़ा रहा और गहरे पानी में उतरने का साहस नहीं जुटा सका। जब दोनों आंखों के सामने ही पानी में पूरी तरह लापता हो गए, तो प्रिंस बदहवास हालत में भागकर वापस गांव पहुंचा और परिजनों को इस भयानक हादसे की जानकारी दी।
हादसे की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजनों की भीड़ केतकिन घाट पर जमा हो गई। स्थानीय तैराकों और ग्रामीणों ने तुरंत अपने स्तर पर नदी में छलांग लगाकर युवकों की खोजबीन शुरू की, लेकिन सोन नदी के अत्यधिक तेज बहाव और गहराई के सामने उनकी कोशिशें नाकाम साबित हुईं। इसके बाद घटना की आधिकारिक सूचना स्थानीय प्रशासन को दी गई।
अमिलिया थाना प्रभारी राकेश बैस ने बताया कि सुबह करीब 8 बजे पुलिस को इसकी सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अमिलिया थाना पुलिस और सिहावल चौकी की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय स्तर पर सफलता न मिलने के कारण दोपहर करीब 12 बजे सीधी जिला मुख्यालय से एसडीआरएफ (SDRF) की विशेष रेस्क्यू टीम को केतकिन घाट बुलाया गया। समाचार लिखे जाने तक, एसडीआरएफ के कुशल गोताखोर और आपदा प्रबंधन की टीम लाइफ जैकेट व आधुनिक बोट की मदद से नदी की लहरों को खंगाल रही है, लेकिन फिलहाल दोनों युवकों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
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