
नई दिल्ली. वैश्विक स्तर पर जारी ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच युद्ध के हालातों ने भारतीय सर्राफा बाजार (Bullion Market) को हिलाकर रख दिया है. निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, महज एक दिन में सोने के दाम 5,346 तक गिर गए हैं.
34 दिनों का रिपोर्ट कार्ड: भारी गिरावट
पिछले करीब एक महीने (34 दिन) के दौरान कीमती धातुओं की कीमतों में आई गिरावट चौंकाने वाली है:
सोना: 34 दिनों के भीतर प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत में 13,590 की कमी आई है.
चांदी: चांदी की कीमतों में जबरदस्त 'क्रैश' देखा गया है, जो 34 दिनों में 42,040 प्रति किलो तक सस्ती हो गई है.
आज का भाव (2 अप्रैल 2026)
गुरुवार को बाजार खुलते ही कीमतों में आई गिरावट के बाद नया रेट कार्ड इस प्रकार है:
| धातु | आज का भाव (IBJA) | कल का भाव (बुधवार) | गिरावट (एक दिन में) |
| सोना (24 कैरेट/10 ग्राम) | 1,46,000 | 1,51,346 | 5,346 |
| चांदी (प्रति किलो) | 2,25,000 | 2,40,176 | 15,176 |
क्यों गिर रहे हैं दाम?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे मुख्य रूप से ईरान-अमेरिका संघर्ष और वैश्विक आर्थिक नीतियां हैं:
प्रॉफिट बुकिंग: कीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशक अब अपना मुनाफा निकाल रहे हैं (Profit Booking).
युद्ध का दबाव: युद्ध की अनिश्चितता के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव का सीधा असर सोने पर पड़ा है.
सप्लाई चेन: हालांकि युद्ध से सप्लाई चेन बाधित होती है, लेकिन मौजूदा समय में मांग में आई अस्थाई कमी ने कीमतों को नीचे धकेला है.
खरीदारों के लिए क्या है संकेत?
शादियों के सीजन से ठीक पहले आई यह गिरावट आम उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की तरह है. पिछले महीने जो चांदी ₹2.67 लाख के करीब पहुंच गई थी, वह अब ₹2.25 लाख पर मिल रही है. जानकारों का कहना है कि अगर युद्ध की स्थिति और गंभीर होती है, तो बाजार में और अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
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