
भिंड जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मेहगांव तहसील अंतर्गत हल्का सिमराव (सीमार) में पदस्थ पटवारी संजय बघेल को ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार सुबह 5,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा। फरियादी राघवेंद्र बघेल निवासी सरसेड़ (मेहगांव) के अनुसार, उसने करीब तीन महीने पहले सिमराव गांव में अपनी पत्नी के नाम जमीन खरीदी थी। उक्त जमीन के नामांतरण (दाखिल-खारिज) के एवज में पटवारी ने शुरुआत में 30,000 रुपये की मांग की थी। फरियादी द्वारा असमर्थता जताने पर बातचीत के बाद 10,000 रुपये में सौदा तय हुआ, जिसे दो किस्तों में देना था। इस कार्रवाई के बाद भिंड मेहगांव पटवारी रिश्वत लोकायुक्त का मामला चर्चा में आ गया।
लोकायुक्त का जाल और केमिकल टेस्ट: पीड़ित किसान राघवेंद्र ने इस अवैध मांग की लिखित शिकायत ग्वालियर लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की योजना तैयार की। तय योजना के तहत गुरुवार सुबह पटवारी ने फरियादी को मेहगांव तहसील व भारौली रोड स्थित ऑनलाइन सेंटर के पास पहली किस्त के 5,000 रुपये लेकर बुलाया। जैसे ही फरियादी ने केमिकल लगे नोट पटवारी को सौंपे, पास में घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। मौके पर पानी से हाथ धुलवाते ही केमिकल का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।
रेस्ट हाउस में आगे की वैधानिक कार्रवाई: लोकायुक्त की टीम आरोपी पटवारी को तुरंत मेहगांव रेस्ट हाउस ले गई, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की सुसंगत धाराओं के तहत अग्रिम वैधानिक प्रक्रिया व दस्तावेज जब्ती की कार्रवाई की जा रही है।
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