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अशोकनगर अस्पताल में नवजात की संदिग्ध मौत, गले पर मिले निशान से हत्या की आशंका


अशोकनगर. मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिला अस्पताल से नवजात बच्ची की संदिग्ध मौत का बेहद गंभीर मामला सामने आया है. अस्पताल के प्रसूता वार्ड में जन्म के कुछ ही घंटे बाद बच्ची मृत मिली. उसके मुंह से खून निकलने और गले पर दबाव के निशान दिखाई देने के बाद डॉक्टरों ने मौत की परिस्थितियों को संदिग्ध माना और पुलिस को सूचना दी. पोस्टमार्टम में भी गले पर मिले निशानों से गला दबाए जाने के संकेत सामने आए हैं.

घटना की जानकारी मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने मर्ग कायम कर नवजात के परिजनों और अस्पताल में मौजूद लोगों से पूछताछ की है. फिलहाल बच्ची की मौत के पीछे किसकी भूमिका थी और घटना किस परिस्थिति में हुई, इसकी जांच जारी है.

जन्म के बाद मां के साथ थी बच्ची

जानकारी के मुताबिक चंदेरी क्षेत्र के सकर्रा गांव की रहने वाली भावना ने शुक्रवार-शनिवार की रात जिला अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था. जन्म के बाद नवजात को अस्पताल की निगरानी में रखा गया था. परिवार के लोग भी अस्पताल में मौजूद थे.

बताया गया कि शनिवार दोपहर बच्ची की मां कुछ समय के लिए सो गई थी. जागने पर उसने बच्ची को देखा तो उसके मुंह से खून निकल रहा था और वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही थी. इसके बाद परिजन और अस्पताल के कर्मचारियों की मदद से बच्ची को तत्काल नवजात देखभाल इकाई में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

गले पर निशान मिलने से बढ़ा संदेह

बच्ची की स्थिति देखने के बाद डॉक्टरों को उसके गले पर दबाव के निशान नजर आए. मुंह से खून निकलने की बात भी सामने आई. इन परिस्थितियों के कारण अस्पताल की ओर से पुलिस को सूचना दी गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.

पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और अस्पताल में मौजूद लोगों से मिली जानकारी के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पोस्टमार्टम में गला दबाने के संकेत मिले हैं, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बच्ची की मौत के लिए जिम्मेदार व्यक्ति कौन है.

मां और दादी से पूछताछ

घटना के समय बच्ची की मां और दादी अस्पताल में मौजूद थीं. पुलिस ने दोनों से पूछताछ की है. इसके अलावा प्रसूता वार्ड में भर्ती अन्य महिलाओं और उनके परिजनों से भी जानकारी जुटाई गई है.

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिस समय बच्ची की मौत हुई, उस दौरान वार्ड में कौन-कौन मौजूद था और बच्ची तक किन लोगों की पहुंच थी. जांच में परिवार के सदस्यों की भूमिका समेत सभी संभावित पहलुओं को शामिल किया जा रहा है.

बच्ची परिवार की तीसरी बेटी होने की बात भी जांच में

पुलिस के अनुसार नवजात परिवार की तीसरी बेटी थी. इस तथ्य को भी जांच के एक पहलू के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि केवल इसी आधार पर किसी व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी. पुलिस घटना के पीछे वास्तविक कारण और संभावित मकसद का पता लगाने के लिए साक्ष्य जुटा रही है.

वार्ड में CCTV नहीं होने से जांच चुनौतीपूर्ण

मामले की जांच में एक बड़ी चुनौती यह भी सामने आई है कि जिस नवजात देखभाल वार्ड में बच्ची थी, वहां CCTV कैमरे नहीं लगे थे. ऐसे में घटना का सीधा वीडियो फुटेज पुलिस को नहीं मिल पाया है.

हालांकि पुलिस अस्पताल के दूसरे हिस्सों और आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है. इसके साथ ही अस्पताल में मौजूद लोगों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है.

फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच जारी रखी है. नवजात की मौत की वास्तविक परिस्थितियां और घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.

Date & Time : 2026-10-04 07:23:36

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