Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

हर पात्र स्नातक को मतदाता बनाने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग उठाए : तलासनी श्रीनिवास यादव


हैदराबाद, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री तलासनी श्रीनिवास यादव ने चुनाव आयोग से मांग की है कि प्रत्येक पात्र स्नातक (ग्रेजुएट) को मतदाता के रूप में पंजीकृत करने की जिम्मेदारी स्वयं आयोग के अधिकारियों को उठानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेजुएट मतदाता पंजीकरण कार्यक्रम में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है और चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारियों का उचित निर्वहन नहीं कर रहा है।

हैदराबाद, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री तलासनी श्रीनिवास यादव ने चुनाव आयोग से मांग की है कि प्रत्येक पात्र स्नातक (ग्रेजुएट) को मतदाता के रूप में पंजीकृत करने की जिम्मेदारी स्वयं आयोग के अधिकारियों को उठानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेजुएट मतदाता पंजीकरण कार्यक्रम में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है और चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारियों का उचित निर्वहन नहीं कर रहा है।

सोमवार को तलासनी श्रीनिवास यादव के नेतृत्व में बीआरएस के एक प्रतिनिधिमंडल ने बीआरके भवन में चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) सुदर्शन रेड्डी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्रेजुएट वोटर पंजीकरण कार्यक्रम में देरी, आवश्यक व्यवस्थाओं की कमी और चुनाव आयोग की निष्क्रियता जैसे मुद्दे उठाए गए।

बाद में मीडिया को संबोधित करते हुए तलासनी श्रीनिवास यादव ने कहा कि ग्रेजुएट मतदाता पंजीकरण अभियान हर हाल में चुनाव आयोग के नेतृत्व में चलाया जाना चाहिए। इस दौरान एमएलसी दासोजू श्रवण, सुरभि वाणी देवी और विधायक कालेरु वेंकटेश भी मौजूद रहे।

तलासनी ने कहा कि ग्रेजुएट मतदाता पंजीकरण की अंतिम तिथि 6 नवंबर निर्धारित है, लेकिन अब तक बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की नियुक्ति नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के समन्वय से चलाया जाना चाहिए था, लेकिन इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने अब तक मतदाता पंजीकरण को लेकर न तो पर्याप्त प्रचार किया और न ही कोई जागरूकता अभियान चलाया, जो उसकी गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली को दर्शाता है।

पूर्व मंत्री ने सवाल उठाया कि पिछली ग्रेजुएट निर्वाचन प्रक्रिया में मतदान कर चुके लोगों को दोबारा पंजीकरण कराने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर चुनाव आयोग के अधिकारियों के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के अनुसार अब तक केवल 23 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि पिछली ग्रेजुएट निर्वाचन प्रक्रिया में केवल हैदराबाद शहर में ही 1.10 लाख मतदाता पंजीकृत थे। ऐसे में वर्तमान आंकड़े चिंता का विषय हैं।

तलासनी ने बताया कि चुनाव आयोग ने संयुक्त हैदराबाद, रंगारेड्डी और महबूबनगर जिलों में 5.27 लाख आवेदन प्राप्त होने की जानकारी दी है, लेकिन अभी तक इन आवेदनों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का रवैया ऐसा है मानो स्नातक इस देश के नागरिक ही न हों। उन्होंने कहा कि बीआरएस कार्यकर्ताओं ने बड़ी मेहनत से आवेदन एकत्र किए, लेकिन जब उन्हें अधिकारियों के पास जमा कराने की कोशिश की गई तो यह कहते हुए आपत्ति जताई गई कि आवेदकों को स्वयं उपस्थित होना होगा और सामूहिक आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

बीआरएस नेता ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रमों के दौरान लाखों वोट हटाए जाने के मामलों में भी चुनाव आयोग गंभीरता नहीं दिखाता। उन्होंने मांग की कि आयोग तुरंत आवश्यक कर्मचारियों की नियुक्ति करे और पात्र स्नातकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए घर-घर जाकर अभियान चलाए।

उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा भी यह स्वीकार किया जाना कि मतदाता पंजीकरण अभियान धीमी गति से चल रहा है, व्यवस्था की कमियों को उजागर करता है।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी

Date & Time : 2026-10-26 21:10:02

Share:

Leave A Reviews

Related News