चंडीगढ़, 11 अगस्त (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार 'सुधार उत्सव' की तैयारी कर रही है। यह नागरिकों की भागीदारी वाली एक बड़ी पहल है, जिसका मकसद गवर्नेंस में सुधार लाने में लोगों को सीधी और सार्थक भूमिका निभाने का मौका देना है।
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चंडीगढ़, 11 अगस्त (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार 'सुधार उत्सव' की तैयारी कर रही है। यह नागरिकों की भागीदारी वाली एक बड़ी पहल है, जिसका मकसद गवर्नेंस में सुधार लाने में लोगों को सीधी और सार्थक भूमिका निभाने का मौका देना है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को तैयारियों की समीक्षा की और एक स्पष्ट, व्यवस्थित और समय-सीमा वाली व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया। इसका मकसद यह पक्का करना है कि नागरिकों से मिले सही सुझावों को सिर्फ रिकॉर्ड न किया जाए, बल्कि उन्हें ऐसे सुधारों में बदला जाए जिन पर अमल हो सके और उन्हें लागू भी किया जाए।
अक्टूबर से दिसंबर तक चलने वाला ‘सुधार उत्सव’ नागरिकों को सरकारी प्रक्रियाओं में मौजूद मुद्दों को उजागर करने और ऐसे समाधान सुझाने के लिए सशक्त बनाएगा, जिनसे पूरे समुदाय को फायदा हो। यह 'बॉटम-अप' (निचले स्तर से ऊपर की ओर) आंदोलन शासन को स्मार्ट, सरल और सचमुच नतीजों पर केंद्रित बनाने के लिए शुरू किया गया है।
तैयारी का चरण इसी महीने शुरू होगा, जिसमें विभागों में जागरूकता बढ़ाना और राज्य कार्य योजना बनाना शामिल है। यह योजना 10 सितंबर तक तैयार हो जानी चाहिए। हरियाणा सुधार अभियान को राज्य की राजधानी से हर गांव, शहर और समुदाय तक फैलाने की तैयारी कर रहा है, जिससे नागरिकों की बड़े पैमाने पर भागीदारी के रास्ते खुलेंगे।
यह अभियान हर नागरिक की आवाज को विचार से लेकर असरदार सुधार तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि हर सुझाव पर अमल का एक स्पष्ट रास्ता बन सके। आयुक्त और सचिव (उद्योग और वाणिज्य) अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि यह पहल तीन मुख्य चरणों, जन मंथन, विमर्श और जन समाधान में चलेगी।
'जन मंथन' के दौरान, नागरिक 'सुधार उत्सव' वेबसाइट और बड़े पैमाने पर सामुदायिक संपर्क के जरिए सुधार के लिए अपने विचार देंगे। 'विमर्श' चरण में, सरकारी विभाग इन विचारों की समीक्षा करेंगे और ऐसे विचारों को चुनेंगे, जिनमें पूरे सिस्टम में बड़े सुधार लाने की क्षमता हो।
'जन समाधान' चरण में तेजी से छोटे-मोटे सुधार लागू किए जाएंगे और साथ ही ज्यादा जटिल बदलावों के लिए आधार तैयार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह योजना पक्का करती है कि यह सफर सिर्फ राय इकट्ठा करने पर ही खत्म न हो। सरकार फीडबैक से आगे बढ़कर सोच-समझकर चर्चा करने और अंत में निर्णायक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। हर कदम को ‘सुधार उत्सव’ वेबसाइट पर पारदर्शी तरीके से ट्रैक किया जाएगा।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य समन्वय समिति इस पहल का मार्गदर्शन करेगी। यह समिति पक्का करेगी कि अलग-अलग विभाग मिलकर काम करें, प्रगति पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर बदलाव करें। इस ढांचे के तहत विभागों के साथ सहयोग करने और स्थानीय स्तर पर पहुंच बढ़ाने के लिए राज्य और जिला स्तर पर संपर्क बिंदु भी बनाए जाएंगे।
--आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
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