
नीमच. मध्य प्रदेश के नीमच जिले से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. जिला पुलिस कंट्रोल रूम में एक प्रधान आरक्षक (Head Constable) ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली. मृतक कर्मचारी ने मरने से पहले 4 पन्नों का एक विस्तृत सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उन्होंने विभाग के ही एक रक्षित निरीक्षक (RI) पर गंभीर मानसिक प्रताड़ना और अपमान के आरोप लगाए हैं. इस घटना के बाद से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.
छुट्टी से लौटने से पहले उठाया आत्मघाती कदम
जानकारी के अनुसार, मृतक प्रधान आरक्षक होशियार सिंह (50) नीमच की पुलिस लाइन, कनावटी में रहते थे. वे पिछले पांच दिनों से स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर थे और सोमवार से उन्हें दोबारा ड्यूटी जॉइन करनी थी. लेकिन रविवार को वे अचानक कंट्रोल रूम पहुंचे और वहां विषैले पदार्थ का सेवन कर लिया.
तत्काल कार्रवाई: तबीयत बिगड़ते देख नीमच कैंट थाना प्रभारी और अन्य सहकर्मी उन्हें तुरंत निजी अस्पताल ले गए, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.
4 पन्नों का सुसाइड नोट: "लगातार अपमान और दबाव"
मृतक के पास से बरामद सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें होशियार सिंह ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए लिखा है कि विभाग के एक आरआई (RI) द्वारा उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. सुसाइड नोट के अनुसार:
ड्यूटी और अवकाश को लेकर बेवजह दबाव बनाया जाता था.
सहकर्मियों के सामने अपमानित किया गया.
मानसिक तनाव इतना बढ़ गया था कि उनके पास जीवन समाप्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा.
एसपी ने दिए निष्पक्ष जांच के आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए नीमच एसपी अंकित जायसवाल ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने बताया कि विभाग इस दुखद घड़ी में परिवार के साथ है और आरोपों की बारीकी से जांच की जा रही है.
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