Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

हेल्थ इंडस्ट्री ने भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते का स्वागत किया

नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। हेल्थ इंडस्ट्री लीडर्स ने शनिवार को भारत और अमेरिका के बीच हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते के अंतरिम फ्रेमवर्क का स्वागत किया।

नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। हेल्थ इंडस्ट्री लीडर्स ने शनिवार को भारत और अमेरिका के बीच हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते के अंतरिम फ्रेमवर्क का स्वागत किया।

अंतरिम फ्रेमवर्क के तहत, अमेरिका भारतीय सामानों पर लगने वाले टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। अमेरिका जेनेरिक दवाओं के साथ-साथ रत्न और हीरे और एयरक्राफ्ट पार्ट्स जैसे अन्य सेक्टरों पर भी टैरिफ हटा देगा।

हालांकि अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील फ्रेमवर्क से पता चलता है कि भारत को अमेरिका से अन्य देशों की तुलना में "सबसे अच्छी डील" मिली है।

भारतीय मेडिकल डिवाइस एसोसिएशन (एआईएमईडी) के फोरम समन्वयक राजीव नाथ ने कहा, "एआईएमईडी व्यापार संबंधी बाधाओं पर भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान का स्वागत करता है और यह स्पष्ट करता है कि अमेरिकी डिवाइस के लिए सीडीएससीओ आयात लाइसेंस भारतीय निर्माताओं की तुलना में पहले ही जल्दी मिल जाते हैं, जबकि विदेशी कंपनियों को अनिवार्य निरीक्षण का सामना करना पड़ता है।"

उन्होंने आगे कहा, "अमेरिका 14,000 करोड़ रुपये के साथ आयात में सबसे आगे है, जो चीन के 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है, जबकि पिछले साल हमारा अमेरिका को निर्यात 750 मिलियन डॉलर था और आयात 1.6 बिलियन डॉलर था। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन का एनएबीएल प्रयोगशाला के बजाय एसीएसए को प्राथमिकता देना असंतुलन पैदा करता है। भारतीय मेडटेक उद्योग चीनी डब्ल्यूएएनए डंपिंग, यूरोपीय संघ के प्रमाणपत्र में देरी, जापान की येन की कमजोरी और इंडोनेशिया के भेदभाव, साथ ही सीडीएससीओ की बाधाओं से जूझ रहा है। हम आपसी निष्पक्षता का आग्रह करते हैं, ताकि व्यापार दोनों देशों के नवाचार को बढ़ावा देने के लिए फायदेमंद हो।"

इसके अलावा, समझौते में यह भी कहा गया है कि फार्मास्यूटिकल्स और उनकी सामग्री पर अमेरिकी सेक्शन 232 जांच के नतीजों के आधार पर भारत को जेनेरिक दवाओं और सामग्री के संबंध में भी बातचीत के परिणाम मिलेंगे।

इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस के महासचिव सुदर्शन जैन ने कहा, "भारत-अमेरिका दवा साझेदारी को मजबूत करना जरूरी है, क्योंकि दवाओं की सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है। जेनेरिक दवाओं पर कोई टैरिफ नहीं है। जैसा कि संयुक्त बयान में बताया गया है, कुल मिलाकर फार्मास्युटिकल्स (जेनेरिक दवाओं सहित) पर अमेरिका के सेक्शन 232 के तहत जांच चल रही है। यह सभी मुक्त व्यापार समझौतों में अपनाए गए तरीके के अनुसार है।"

--आईएएनएस

एसएचके/एएस

Share:

Leave A Reviews

Related News