
जबलपुर. भेड़ाघाट थाना क्षेत्र के कूड़न गांव के पास बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। एक तेज रफ़्तार हेरियर कार ने जबलपुर से अपने गांव खैरी लौट रहे दो बाइक सवारों को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि दोनों की जान चली गई। हादसे में 40 वर्षीय वीरेंद्र भूमिया की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथी 42 वर्षीय नरेश भूमिया ने मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
दोनों मृतक निजी वाहन चलाने (ड्राइविंग) का काम करते थे और अपने पीछे दो-दो बच्चों और हंसते-खेलते परिवार को छोड़ गए हैं। टक्कर मारने के बाद आरोपी कार चालक गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक बाइक से हवा में उछलकर काफी दूर सड़क पर जा गिरे। वीरेंद्र भूमिया की मौके पर ही सांसें थम गईं, लेकिन नरेश भूमिया गंभीर रूप से घायल हालत में काफी देर तक सड़क पर तड़पते रहे। इस दौरान घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ तो जमा हो गई, लेकिन मानवीय संवेदनाएं इस कदर दम तोड़ चुकी थीं कि कोई भी घायल को अस्पताल ले जाने के लिए आगे नहीं आया।
जब भेड़ाघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची, तो पुलिसकर्मियों ने लोगों से मदद मांगी, पर कोई तैयार नहीं हुआ। आखिरकार पुलिस ने खुद घायल नरेश को गाड़ी में लादकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी खून बह जाने के कारण डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका।
मृतक वीरेंद्र भूमिया के बुजुर्ग पिता ने रोते हुए बताया कि हादसे से महज 10 मिनट पहले ही उनकी बेटे से फोन पर बात हुई थी। वीरेंद्र ने कहा था कि काम खत्म हो गया है और वह सीधे घर पहुंच रहा है। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; घर पर बेटे के आने की आहट के बजाय पुलिस के जरिए मौत की खौफनाक खबर पहुंची।
"हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन रात में ही अस्पताल की तरफ भागे। दोनों मृतकों के घरों में इस वक्त कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।" - स्थानीय निवासी
भेड़ाघाट थाने के एएसआई तेजराम ने बताया कि पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल आरोपी की हेरियर कार को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
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