
नीमच स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के केंद्रीय प्रशिक्षण महाविद्यालय (सीटीसी) परिसर में झाड़ियों से मानव कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया। कंकाल की पहचान कैंप से 43 दिनों से लापता एक जवान के रूप में की गई है। लापता जवान के स्वजन ने पास मिले मोबाइल फोन, कपड़े, जूते और अंगूठी के आधार पर उसकी पहचान की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को सीआरपीएफ परिसर में नियमित सफाई कराई जा रही थी। इसी दौरान झाड़ियों की सफाई के समय मानव कंकाल नजर आया। सूचना मिलते ही सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी और जिला पुलिस बल मौके पर पहुंचे। नीमच कैंट थाना पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद कंकाल को जिला अस्पताल भिजवाया।
थाना प्रभारी टीआई नीलेश अवस्थी ने बताया कि इसी कैंप से 27 दिसंबर 2025 को जवान नंदकिशोर प्रजापति संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था, जिसकी गुमशुदगी रिपोर्ट उसी दिन दर्ज कराई गई थी। नंदकिशोर मूल रूप से राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम ब्लॉक का निवासी था और सीआरपीएफ में कुक के पद पर पदस्थ था।
सोमवार को जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने कंकाल का परीक्षण किया। कंकाल मिलने के बाद सीआरपीएफ अधिकारियों ने जवान के स्वजनों को नीमच बुलाया, जहां उन्होंने कपड़े, जूते और अंगूठी के आधार पर नंदकिशोर प्रजापति की पहचान की। घटनास्थल के पास जवान का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है।
पुलिस और सीआरपीएफ प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। जवान की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा।
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