
नई दिल्ली. भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की एक ऐसी लहर का सामना कर रहा है, जिसने पिछले कई रिकॉर्ड्स को खतरे में डाल दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 20 शहर दुनिया की सबसे गर्म जगहों की सूची में शामिल हो गए हैं। विदर्भ का अकोला 44 डिग्री सेल्सियस के साथ वैश्विक स्तर पर तप रहा है, वहीं आने वाले दिनों में पारा 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के कई जिलों में हीटवेव (Heatwave) का रेड अलर्ट जारी किया है। अकोला के अलावा अमरावती, वर्धा और नागपुर जैसे शहर भी अत्यधिक गर्मी की चपेट में हैं। यहाँ तापमान सामान्य से 4 से 8 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। न केवल महाराष्ट्र, बल्कि ओडिशा के बलांगीर, छत्तीसगढ़ के रायपुर और उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी सूरज आग उगल रहा है।
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, साल 2026 अब तक का सबसे गर्म साल साबित हो सकता है। मार्च से मई के बीच लू की घटनाओं में भारी वृद्धि देखी जा रही है। चरम मौसम की स्थिति के कारण उत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के ऐतिहासिक आंकड़े को छू सकता है।
ग्लोबल वार्मिंग का असर केवल भारत तक सीमित नहीं है। चीन का जिंगहोंग और थाईलैंड व वियतनाम के कई शहर भी 35-37 डिग्री सेल्सियस के साथ इस तपती सूची में अपनी जगह बना चुके हैं। हालांकि, भारत के शहरों में तापमान की तीव्रता अन्य देशों के मुकाबले कहीं अधिक चिंताजनक है।
बढ़ते खतरे को देखते हुए डॉक्टरों और मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सख्त हिदायत दी है:
दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अनावश्यक बाहर न निकलें।
शरीर में पानी की कमी न होने दें, पर्याप्त तरल पदार्थ लें।
लू के लक्षण (सिरदर्द, चक्कर आना) दिखने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लें।
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