
इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के वार्ड क्रमांक 60 अंतर्गत साउथ तोड़ा क्षेत्र में बुधवार को नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी मुहिम के दौरान जबरदस्त बवाल हो गया। सड़क चौड़ीकरण और नाले के किनारे से अवैध कब्जे हटाने पहुंची नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम को स्थानीय रहवासियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था संभालने के दौरान पीछे से एक उपद्रवी युवक ने एडिशनल डीसीपी (Addl. DCP) दिशेष अग्रवाल को जोरदार धक्का दे दिया, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे जमीन पर गिर पड़े। इस अप्रत्याशित हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस बल ने तुरंत हरकत में आते हुए धक्का देने वाले मुख्य आरोपी सहित 6 लोगों को हिरासत में ले लिया। मामले में शासकीय कार्य में बाधा और उपद्रव करने पर 16 लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है।
सड़क निर्माण और नाले के 30 मीटर के दायरे में नदी-नाले के संरक्षण हेतु प्रस्तावित चौड़ीकरण कार्य के चलते निगम की टीम पूरी तैयारी के साथ पहुंची थी। झोन-11 के झोनल अधिकारी गीतेश तिवारी और प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में 100 से अधिक निगम कर्मचारी, 3 पोकलेन और 6 जेसीबी मशीनों ने मोर्चा संभाला। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से 80 से ज्यादा पुलिस जवान और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात थे। अधिकारियों ने टेप से विधिवत नपती कर चिन्हित 50 अवैध शेड, दुकानों और करीब 6 से अधिक मकानों के अनाधिकृत हिस्सों को जमींदोज कर दिया।
कार्रवाई के दौरान स्थिति उस वक्त तनावपूर्ण हो गई जब कुछ महिलाएं व स्थानीय लोग पुलिस और निगम अमले से सामान बाहर निकालने को लेकर तीखी बहस करने लगे। रहवासियों का दावा था कि नोटिस में उन्हें सुबह 9 बजे तक का समय दिया गया था, जबकि टीम ने पहले ही दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसी बहस के बीच बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। हालात बिगड़ते देख एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल खुद आगे आए और भीड़ को पीछे हटने की हिदायत देने लगे। इसी गहमागहमी का फायदा उठाकर एक युवक ने पीछे से आकर उन्हें धक्का दे दिया।
घटना के तुरंत बाद पुलिस कर्मियों ने धक्का देने वाले युवक और उसके साथियों को मौके पर ही दबोच लिया। एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल ने बताया कि शांति व्यवस्था भंग करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में 6 लोगों को मौके से पकड़ा गया है तथा 16 नामजद व अन्य उपद्रवियों पर वैधानिक धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि सरकारी अमले से अभद्रता, धक्का-मुक्की या पथराव की कोशिश करने वाले किसी भी अराजक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। नगर निगम ने साफ किया है कि शहर के सुगम यातायात और विकास परियोजनाओं में बाधक बनने वाले अवैध कब्जों के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
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