
जबलपुर से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। जबलपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर बरेला थाना क्षेत्र में शनिवार शाम एक तेज रफ्तार डंपर ने सामने से आ रही एक कार को जोरदार टक्कर मार दी। चश्मदीदों के मुताबिक, यह भीषण टक्कर बरेला के शारदा मंदिर के पास हुई। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार सीधे डंपर के अगले हिस्से के नीचे जाकर फंस गई। डंपर चालक ने इंसानियत को ताक पर रखते हुए गाड़ी रोकने के बजाय कार को सड़क पर करीब 500 मीटर (आधा किलोमीटर) तक बेरहमी से घसीटना जारी रखा।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सड़क पर आधा किलोमीटर तक रगड़ खाने के कारण कार से लगातार चिंगारियां निकल रही थीं। इसी दौरान डंपर के नीचे फंसी कार आगे खड़े एक अन्य वाहन से टकरा गई, जिससे कार के फ्यूल टैंक में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते पूरी कार आग की लपटों से घिर गई और वह पूरी तरह से एक लोहे के कंकाल में तब्दील हो गई। कार में सवार दो लोगों को संभलने और बाहर निकलने का जरा सा भी मौका नहीं मिला और वे गाड़ी के भीतर ही फंस गए।
मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी तरफ से आग बुझाने और कार का दरवाजा तोड़कर अंदर फंसे लोगों को निकालने की काफी कोशिश की, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज और विकराल थीं कि कोई भी कार के पास पहुंचने में सफल नहीं हो सका। कार के अंदर फंसे दोनों लोग जिंदा जल गए। हादसे की सूचना तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। दमकल की गाड़ियां जब तक मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया, तब तक कार सवार दोनों व्यक्तियों की दर्दनाक मौत हो चुकी थी। इस हादसे के बाद जबलपुर-मंडला हाईवे पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
बरेला थाना पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के तुरंत बाद डंपर चालक अपने वाहन को छोड़कर मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। कार इतनी बुरी तरह से जल चुकी है कि उसका नंबर और मॉडल भी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा है। पुलिस ने दोनों शवों को मलबे से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पुलिस अब कार के चेसिस नंबर और अन्य तकनीकी माध्यमों से मृतकों की पहचान करने की कोशिश कर रही है ताकि उनके परिजनों को सूचित किया जा सके।
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